इसकी एवज में कंपनियां सरकार को लीज मनी जारी करेंगी। इसके बाद तय अवधि पूरी होते ही रोप वे सरकार के अधीन आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि दोनों प्रोजेक्टों पर काम पूरा होते ही इन क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि रोपवे की बदौलत घंटों का सफर तय करने वालों को अब अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए चंद मिनट लगेंगे।
पलचान-रोहतांग रोपवे नौ किलोमीटर लंबा होगा और इस पर करीब 450 करोड़ रुपये का खर्च आना है। इसके अलावा चामुंडा से हिमानी चामुंडा रोपवे छह किमी लंबा होगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 280 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। रोपवे बनने के बाद हिमानी चामुंडा पहुंचने में 18 मिनट लगेंगे।