निजी क्षेत्र में सेवा देने वालों के लिए अच्छी खबर है। 30 साल तक किसी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी का औसत वेतन 15000 रुपये है तो उसे रिटायरमेंट के बाद 7500 रुपये पेंशन मिलेगी।
केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की सामाजिक सुरक्षा परियोजना की वेतन सीमा को 6500 रुपये से बढ़ाकर 15000 रुपये कर दिया है।
मंगलवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री डॉ. नजमा ए हेप्तुल्ला ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल पोर्टमोर शिमला में कर्मचारी पेंशन योजना पेंशनधारक सम्मान समारोह में इसकी शुरुआत की।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब किसी को भी एक हजार रुपये से कम पेंशन नहीं मिलेगी। यह लाभ 1 सितंबर 2014 से कर्मचारियों को मिलना शुरू हो जाएगा।
50 लाख कर्मचारी आएंगे दायरे में
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब मासिक पेंशन 3250 से बढ़कर 7500 रुपये हो जाएगी। इस पहल से 50 लाख नए कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ जाएंगे।
इसके अलावा केंद्र ने कर्मचारी निक्षेप सहबद्ध बीमा योजना (ईडीएलआई) के तहत देय अधिकतम लाभ को भी बढ़ाकर 1,30,000 से करीब तीन गुना बढ़ाकर 3,60,000 रुपये कर दिया है।
नजमा हेप्तुल्ला ने भावुक होकर कहा कि वह यहां (शिमला) मंत्री की हैसियत से नहीं बल्कि एक सेवक के तौर पर आई हैं। उन्होंने इस अवसर पर शहर के पेंशन धारकों कुलदीप चंद डोगरा, उत्तम चंद, उर्मिला, हेतराम समेत एक दर्जन वरिष्ठ नागरिकों को 1000 रुपये पेंशन देकर और टोपी पहनाकर नवाजा।
हिमाचल के 24,293 पेंशनधारक
डॉ. नजमा हेप्तुल्ला ने आश्वासन दिया दिया कि पेंशन में वृद्धि 2014-15 तक सीमित नहीं रहेगी। देश भर में ऐसे लाभार्थियों की संख्या 32 लाख से अधिक है। केंद्र को अब बढ़ी हुई पेंशन देने के लिए कर्मचारी पेंशन निधि में 1200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अंशदान देना होगा।
हिमाचल प्रदेश में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में 24,293 पेंशन धारक पंजीकृत हैं। इनमें आधे से अधिक 13,858 पेंशन धारकों को 1000 रुपये के कम पेंशन लाभ मिल रहा था।
इस अवसर पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय आयुक्त एससी गोयल, स्थानीय विधायकों के अलावा कई कर्मचारी नेता शामिल हुए।
4.17 करोड़ कर्मचारियों को मिले यूएएन
देश भर में इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए 4.17 करोड़ कर्मचारियों को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) आवंटित किए जा चुके हैं। अब संगठन इन कर्मचारियों डाटा एकत्र करने का जा रहा है। पेंशन अब देश भर के 18 पेंशन वितरण बैंकों में कोर बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से दी जा रही है।