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चिंतपूर्णी मंदिर के लिए फंड देने को केंद्र ने हाईकोर्ट से मांगा अतिरिक्त समय

Fri, 23 Aug 2019 10:05 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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फाइल फोटो
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माता चिंतपूर्णी मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए फंड देने को केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की है। पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया था कि माता चिंतपूर्णी मंदिर की डीपीआर तैयार कर ली गई है और केंद्र सरकार से इसके जीर्णोद्धार बाबत फंड दिए जाने की मांग की गई है। प्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को अतिरिक्त समय देते हुए मामले पर सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है। इसके अलावा सात अगस्त 2018 को पारित आदेशों की अनुपालना करने के लिए प्रदेश उच्च न्यायालय ने 4 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। 

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प्रदेश के मंदिरों पर हिंदू पब्लिक रिलिजियस इंस्टीट्यूशन एंड एंडोमेंट्स अधिनियम के प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित किए जाने को लेकर दायर याचिका में मुख्य न्यायाधीश वी. रामासुब्रमनियन और न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किए। हाईकोर्ट ने प्रथम अनुसूची में आने वाले मंदिरों की धनराशि कानून में मिली छूट के अलावा किसी अन्य कार्य के लिए खर्च करने पर पहले ही रोक लगा रखी है। न्यायालय ने इस अधिनियम में नियुक्त सभी आयुक्तों से उनके अधीन आने वाले मंदिरों की संख्या और सबके नाम बताने के आदेश जारी कर रखे हैं।

कोर्ट ने इन सभी मंदिरों की पिछले 10 वर्षों की आय का ब्योरा भी मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या मंदिरों की आय इस अधिनियम के प्रावधानों में दर्शाए गए जनहित कार्यों पर ही खर्च की जा रही है या नहीं। यदि खर्ची जा रही है तो कितनी। कोर्ट ने आयुक्तों से यह भी पूछा है कि क्या मंदिरों की आय कानून के प्रावधानों के विपरीत भी खर्च की जा रही है। कोर्ट ने मंदिरों में नियुक्त पुजारियों सहित अन्य कर्मियों की पूरी जानकारी भी मांगी है। क्या मंदिरों के ट्रस्टी कानून के अनुसार नियुक्त हैं। क्या मंदिरों की आय का ऑडिट किया जाता है। मंदिरों की भूमि को अवैध कब्जों से छुड़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी मांगी गई है। 

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