जीएसटी से हो रहे राजस्व घाटे के लिए केंद्र सरकार ने हिमाचल को 315 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि जारी की है। यह ग्रांट-इन-एड अगस्त और सितंबर के लिए जारी की गई है। यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर वास्तविक घाटा कम रहा तो सरप्लस राशि की रिकवरी की जाएगी।
नई कराधान प्रणाली के ठीक से लागू न होने और कम कर वसूली के कारण हिमाचल को नुकसान हो रहा है। इसी के चलते केंद्र सरकार मदद कर रही है। इस मदद को केंद्र सरकार ने प्रोविजनल करार दिया है।
साथ में ही कराधान आकलन में इससे कम राजस्व घाटा होने की स्थिति में रिकवरी की भी चेतावनी दी है। हिमाचल सरकार को भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि अगर राज्य सरकार के लिए दिया गया मुआवजा महालेखाकार के लेखे-जोखे में ज्यादा पाया जाता है यानी अगर राज्य का तय मानदंडों के मुताबिक राज्य
घाटा इससे कम होता है तो सरप्लस में आई रकम को रिकवर किया जाएगा। इसे भविष्य के दावों या राज्य सरकार के खाते में किए जाने वाले सीधे जमा से रिकवर किया जा सकता है।
अगर राज्य के राजस्व प्रदर्शन में सुधार होता है तो भी इसे रिकवर किया जा सकता है। यह पत्र केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अवर सचिव (राज्य कर) महेंद्र नाथ की ओर से जारी किया गया है। इसे अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त और प्रधान सचिव आबकारी एवं कराधान को भेजा गया है।