हिमाचल के लाखों व्यापारियों को धनतेरस पर बड़ा तोहफा मिला है। उन्हें जीएसटी पंजीकरण से सालाना आय में छूट मिल गई है। अभी दस लाख से ज्यादा का व्यापार करने वालों को जीएसटी में पंजीकरण कराना अनिवार्य था, लेकिन अब प्रदेश सरकार की सिफारिश पर जीएसटी काउंसिल ने यह सीमा बीस लाख कर दी। प्रदेश सरकार के अध्यादेश को राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सोमवार को मंजूरी दे दी है।
जीएसटी काउंसिल की बैठक में अगस्त के अंतिम हफ्ते में इसे मंजूरी दे दी गई, लेकिन विधानसभा का सत्र नहीं होने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा था। पिछले महीने जयराम मंत्रिमंडल ने कैबिनेट बैठक में अध्यादेश को मंजूरी दे दी। इसके बाद इसे राज्यपाल को अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया गया था। अब राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद अध्यादेश सोमवार को लागू हो गया है। आबकारी एवं कराधान आयुक्त राजीव शर्मा ने बताया कि अगले सत्र में अध्यादेश को विधानसभा में पेश किया जाएगा।