इसे सीमांत क्षेत्र में पुलिस बल के पूंजीगत निवेश पर खर्च किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह धनराशि के साथ शर्त भी लगाई है। मंत्रालय खर्च की तथ्यात्मकता और शुद्धता का भी निरीक्षण करेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री डा. श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि यह बीएडीपी की पहली किस्त है। हर साल की तरह आगे भी पैसा आता रहेगा।
सरकार इसके सही खर्च को सुनिश्चित करेगी। हिमाचल प्रदेश में चीन की सीमा किन्नौर और लाहौल स्पीति जिलों से लगती है। अनेक बार इस सीमा पर चीनी सैनिकों के भीतर बढ़ने की सूचनाएं भी आ चुकी हैं। ऐसे में इस सीमांत क्षेत्र के आधारभूत ढांचे के विकास पर केंद्र सरकार का खास ध्यान है।