सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने इस मामले से अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि इस बारे में पता करने पर ही कुछ कहा जा सकता है। पहली छमाही के लिए 73,91,832 रुपये वांछित हैं, मगर इस योजना में महज 14,19,432 रुपये ही जारी किए हैं।
केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार के पास पड़ेे पिछले वित्तीय वर्ष यानी 2018-19 के 36,41,815 रुपये और राज्य बाल विकास परिषद के पास 2015-16 की पड़े 23,30,625 रुपये को अनस्पेंट बताते हुए इसकी कटौती कर दी है। इस तरह इस साल की पहली छमाही के लिए करीब 60 लाख रुपये की कटौती कर दी है।