हिमाचल प्रदेश परमानेंट स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन को लिखे एक पत्र में अदाणी समूह के सीईओ अजय कपूर ने कहा कि परिवहन बाजार पूरी तरह ट्रांसपोर्ट यूनियनों की ओर से नियंत्रित किया जाता है। जो ट्रकों की दरें और तैनाती तय करते हैं। कहा कि ट्रांसपोर्ट यूनियनों के माल ढुलाई दर और वितरण मॉडल पर अव्यवहार्य स्थिति अपनाने के बाद परिचालन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा। अदाणी के प्रवक्ता ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि अदाणी समूह ने इन प्लांट को बंद कर दिया। प्रबंधन ट्रक संचालकों से मालभाड़ा कम करने के लिए कह रहा था, लेकिन ट्रक यूनियनों ने इस मांग को ठुकरा दिया।
सीमेंट माल भाड़े पर गतिरोध जारी है, क्योंकि प्रदेश सरकार की ओर से प्रबंधन और ट्रक चालकों के बीच की दूरी कम करने के उद्देश्य से बुलाई बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। ट्रक यूनियनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि कोई निर्णय नहीं लिया गया है और वे हिमकॉन की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद सरकार दरें अधिसूचित की जाएंगी। दोनों पक्षों ने सहयोग करने का आश्वासन दिया है। सरकार ने एक उप समिति का गठन किया है। हिमकॉन ने टैरिफ तय करने की पहल की है। बैठक के परिणाम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा।