प्रदेश सरकार की मध्यस्थता के बाद सीमेंट प्लांट प्रबंधन और ट्रक मालिकों के बीच सहमति बनने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वह प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि विवाद शुरू होने के बाद से ही वह व्यक्तिगत तौर पर भी इसके समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। कंपनी प्रबंधन और उच्च अधिकारियों से लगातार संवाद बनाए रखा। अन्य समस्याओं के निदान के लिए सोलन और बिलासपुर जिला के उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं और वे कंपनी प्रबंधन के साथ मिलकर इसका समाधान सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से इस मामले का सर्वमान्य हल संभव हो सका है। प्रदेश सरकार के सत्ता संभालने के 5 दिन के बाद ही यह विवाद सामने आया और सीमेंट फैक्टरी प्रबंधन ने उत्पादन रोकने की घोषणा कर दी। 16 दिसंबर को ट्रक ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए थे। इस विवाद से सभी पक्षों को नुकसान हो रहा था। मुख्यमंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान धैर्य और सौहार्द बनाए रखने के लिए ट्रक ऑपरेटरों और कंपनी प्रबंधन का भी आभार व्यक्त किया।
बैठक में मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, बिलासपुर ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष राकेश ठाकुर व अन्य प्रतिनिधि और सोलन जिला से ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष जयदेव कौंडल तथा अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए। अदाणी समूह की ओर से मनोज जिंदल और संजय वशिष्ट ने बैठक में भाग लिया। प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप, निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति केसी चमन, उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
अदाणी समूह के साथ हुए समझौते पर बिलासपुर ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा के दूसरे गुट ने नाराजगी जताई है। दूसरे गुट में शामिल बीडीटीएस सदस्यों का कहना है कि ट्रक ऑपरेटरों के साथ अन्याय हुआ है। पहले दो महीने से ज्यादा प्लांट बंद रहने ट्रक ऑपरेटरों को करोड़ों का नुकसान हुआ। अब मालभाड़े कम होने से नुकसान उठाना पड़ेगा।
बीडीटीएस के पूर्व प्रधान जीत राम गौतम , ध्यान सिंह ठाकुर , राजेश ठाकुर , कश्मीर सिंह चंदेल ,बालकराम कपिल , रामकुमार शर्मा , सुभाष कपिल , रतन लाल ठाकुर ने कहा कि बैठक में मांग रखी थी कि ऑपरेटरों को छह चक्की टायर का भाड़ा 12.04 रुपये होना चाहिए। इस भाड़े से पांच प्रतिशत कम कर मल्टी एक्सल का भाड़ा तय होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कम रेट ट्रक ऑपरेटर के लिए मान्य नहीं होंगे । ट्रक ऑपरेटरों की भावनाओं से खिलवाड़ हुआ है। इस रेट में सिंगल एक्सेल और मल्टी ऑपरेटरों को माल ढुलाई करना मुश्किल है।
दाड़लाघाट के सभी ट्रक ऑपरेटर मंगलवार को स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करेंगे। इससे पहले दाड़लाघाट की आठ सभाओं के पदाधिकारी अपनी सभाओं के सदस्यों से बैठक करेंगे। उन्हें वह शिमला सचिवालय में हुई बैठक की जानकारी देंगे। सबकि सहमति के बाद ही ऑपरेटर काम शुरू करें। जिला सोलन ट्रांसपोर्टर ट्रक ऑपरेटर कोऑपरेटिव सोसायटी दाड़लाघाट (एसडीटीओ) के प्रधान जयदेव कौंडल ने कहा िक सरकार की मध्यस्थता के बाद मसला सुलझा है। उनकी सारी मांगें अभी नहीं मानी गई हैं। उन्हें उम्मीद है कि कंपनी हिमाचल व ट्रांसपोर्ट के हितों का ध्यान रख काम करेगी। उन्होंने कहा कि दाड़लाघाट में मंगलवार को सोसायटी के सदस्यों के साथ बैठक की जाएगी। सभी सदस्यों की सहमति ली जाएगी। उसके बाद ही जनरल हाउस में फैसला किया जाएगा कि कब से माल ढुलाई का कार्य पुन: प्रारंभ करना है।
किस सोसायटी के कितने ट्रक
दाड़लाघाट में कुल 2979 ट्रक हैं। इसमें दी जिला सोलन ट्रांसपोर्ट ट्रक ऑपरेटर कोऑपरेटिव सोसाइटी दाड़लाघाट (एसडीटीओ) में 1138 ट्रक, अंबुजा दाड़ला कशलोग मांगू परिवहन सभा (एडीकेएम) दाड़लाघाट में 508, बाघल लैंड लूजर परिवहन सहकारी सभा में 734, गोल्डन लैंडलूजर में 191, कुरगन लैंडलूजर में 49, दी जिला सोलन भूतपूर्व सैनिक परिवहन कोऑपरेटिव सोसाइटी में 65, पूर्व सैनिक हमीरपुर में 205, माइनिंग लैण्डलूजर में 89, एसीएसल के 500 नियमित कर्मचारी और 300 अनियमित कर्मचारी शामिल हैं।
14 दिसंबर 2022 : दाड़लाघाट और बरमाणा में सीमेंट प्लांट बंद हुए
16 दिसंबर 2022 : सुली गेट के पास अंबुजा प्लांट के बाहर गेट मीटिंग
20 से 25 दिसंबर 2022 : उपायुक्त के साथ दोनों पक्षों की बैठकों का दौर
29 दिसंबर 2022 : सीमेंट प्लांटों के बाहर ट्रक ऑपरेटरों का प्रदर्शन
30 दिसंबर 2022 : सरकार की ओर से गठित उप समिति के साथ पहली बैठक
2 जनवरी 2023 : उप समिति की बैठक में हिमकान को रेट तय करने के लिए कंसलटेंट नियुक्त किया
1 से 3 फरवरी 2023 : 66 ट्रक ऑपरेटरों ने दाड़लाघाट में दीं गिरफ्तारियां
4 से 19 फरवरी 2023 : धरना और प्रदर्शन तेज, सीमाओं पर नाके, मालवाहक वाहनों को रोका गया 20 फरवरी 2023 : मुख्यमंत्री के साथ सचिवालय में दोनों पक्षों में वार्ता, रेट को लेकर बनी सहमति