सीमेंट ढुलाई की दरों को लेकर कंपनी के साथ ट्रक ऑपरेटरों का जो समझौता हुआ है, उससे ढुलाई दरों में 10 से 12 फीसदी तक की कमी आई है। इससे अदाणी समूह को भी राहत मिलेगी। अदाणी समूह ने इसके लिए प्रदेश सरकार और ऑपरेटरों का आभार व्यक्त किया है। अदाणी समूह के प्रवक्ता ने कहा है कि सीमेंट विवाद को लेकर सभी हितधारक एक साथ आए हैं और माल ढुलाई दरों पर चल रही चर्चाओं को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल किया गया है। यह परिणाम एसीसी, अंबुजा सीमेंट और इसमें शामिल सभी हितधारकों के लिए सकारात्मक है। कहा कि एसीसी और अंबुजा सीमेंट्स मंगलवार से एसीसी और दाड़लाघाट संयंत्रों में परिचालन फिर से शुरू कर देंगे। अंबुजा सीमेंट के दाड़लाघाट प्लांट और एसीसी के गगल प्लांट के लिए 10.30 प्रति टन प्रति किमी किराया दिया जाएगा।
जबकि पहले एसीसी के गगल प्लांट के लिए 11.41 रुपये और अंबुजा सीमेंट्स के दाड़लाघाट इकाई के लिए 10.58 रुपये था। मल्टी एक्सल 24 टन ट्रकों की नई दरें दोनों इकाइयों के लिए 9.30 रुपये प्रति टन प्रति किलोमीटर होंगी। इसके परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश के ग्राहकों को लाभ पहुंचाने वाली माल ढुलाई दरों में कुल मिलाकर 10-12 प्रतिशत की कमी आएगी। कहा कि वह मुख्यमंत्री, उपसमिति के सदस्यों और परिवहन संघों के सभी हितधारकों तथा हिमाचल प्रदेश राज्य के समग्र हित में यह पहल करने के लिए आभारी हैं। वहीं बीडीटीएस के महासचिव प्रदीप ठाकुर ने कहा है कि किराया भाड़ा भले ही कम हुआ है। लेकिन इस वार्ता में बीडीटीएस को एसीसी से प्रतिदिन 10 हजार मीट्रिक टन सीमेंट ढुलाई की बात तय हुई है। इसमें 3,500 मीट्रिक टन क्लींकर शामिल है। वहीं पंजाब के लिए सीमेंट की ढुलाई भी बीडीटीएस ही करेगी। इन प्लांट्स के बंद होने के बाद यहां से करीब 85 कर्मचारियों को ट्रांसफर किया गया था। लेकिन अब प्लांट खुलने के बाद संभावना जताई जा रही है कि उनकी दोनों प्लांट में वापसी होगी।