आयात-निर्यात होने वाली वैक्सीन की होती है जांच
गौरतलब है कि सीडीएल कसौली में देश की एकमात्र ऐसी लैब है, जहां पर आयात और निर्यात होने वाली सभी वैक्सीन की जांच होती है। वर्ष 2024 में बीसीजी, बीओपीवी, डिप्थीरिया एंटॉक्सिन, डीटीपी, डीटीपी+एचईपीबी+एचआईबी, ह्यूमन पेपीलोमा वैक्सीन, हर्पिज जूस्टर वैक्सीन, आईपीवी, रोटा वायरस, टीडी वैक्सीन, वरिसिल्ला वैक्सीन, येलो फीवर वैक्सीन, इंफ्लूएंजा वैक्सीन, मिजल्स वैक्सीन, मिजल्स और रुबेला, मिजल्स+ मूमप्स रुबेला+मेनिगोकोकल वैक्सीन, एनओपीवी, ओएनसीओ+ बीसीजी, न्यूमोकोकल वैक्सीन समेत अन्य वैक्सीन के हजारों बैच जारी किए गए हैं।
वैक्सीन का दिन-रात किया परीक्षण
कोरोना काल के दौरान सीडीएल कसौली ने लोगों को बचाने के लिए तेजी से वैक्सीन का परीक्षण किया। इस दौरान दिन और रात लैब में कोविशिल्ड, कोवैक्सीन, स्पूतनिक समेत कई वैक्सीन का परीक्षण किया गया। यही नहीं सीडीएल कसौली से जांच के बाद लोगों को वैक्सीन लगाई गई थी।
आठ सैंपल हुए फेल
सीडीएल कसौली में वर्ष 2024 में वैक्सीन के आठ सैंपल फेल हुए थे। इनमें टीटी वैक्सीन के चार, रेबीज एंटीसीरम का एक और रेबीज वैक्सीन के तीन सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। इससे यह संदेश लैब से दिया कि प्रयोगशाला में नियमों के अनुसार ही कार्य हो रहा। है ताकि लोगों को बेहतर वैक्सीन ही उपलब्ध हो सके। इससे लैब की विश्वसनीयता भी बड़ी है।