राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में सीसीटीवी कैमरों का नकल पर इतना असर दिखा कि सौ फीसदी रिजल्ट देने वाले स्कूल भी 25 फीसदी तक सिमट गए। बोर्ड परीक्षाओं में आए खराब नतीजों की जांच को गठित चार सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक कई सरकारी स्कूल नकल से परीक्षा परिणाम सुधार रहे थे।
शुक्रवार को जांच कमेटी ने रिपोर्ट मुख्य सचिव शिक्षा को सौंप दी है। शैक्षणिक सत्र 2017-18 में पहली बार बोर्ड परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों में प्रदेश के 100 स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। जिन स्कूलों में कैमरे लगाए थे, बीते साल उनका रिजल्ट सौ फीसदी था।
कैमरे लगने के बाद परीक्षा परिणाम में 75 फीसदी की गिरावट आई है। इन स्कूलों का वार्षिक परीक्षा परिणाम इस बार 25 फीसदी से कम रहा है। चार सदस्यीय जांच कमेटी ने बीते डेढ़ माह के दौरान सभी जिलों का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की है।
स्कूली बच्चों सहित अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों से भी चर्चा की गई। 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले स्कूलों के प्रिंसिपलों से भी कमेटी ने अलग से बैठक की। इसमें सामने आया कि जहां-जहां इस साल सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, वहां का परीक्षा परिणाम घटा है।