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CCTV क्या लगाए, सौ फीसदी रिजल्ट वाले स्कूलों की खुल गई पोल

Sat, 22 Jul 2017 08:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में सीसीटीवी कैमरों का नकल पर इतना असर दिखा कि सौ फीसदी रिजल्ट देने वाले स्कूल भी 25 फीसदी तक सिमट गए। बोर्ड परीक्षाओं में आए खराब नतीजों की जांच को गठित चार सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक कई सरकारी स्कूल नकल से परीक्षा परिणाम सुधार रहे थे। 
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शुक्रवार को जांच कमेटी ने रिपोर्ट मुख्य सचिव शिक्षा को सौंप दी है। शैक्षणिक सत्र 2017-18 में पहली बार बोर्ड परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों में प्रदेश के 100 स्कूलों में सीसीटीवी  कैमरे लगाए गए थे। जिन स्कूलों में कैमरे लगाए थे, बीते साल उनका रिजल्ट सौ फीसदी था।

कैमरे लगने के बाद परीक्षा परिणाम में 75 फीसदी की गिरावट आई है। इन स्कूलों का वार्षिक परीक्षा परिणाम इस बार 25 फीसदी से कम रहा है। चार सदस्यीय जांच कमेटी ने बीते डेढ़ माह के दौरान सभी जिलों का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की है।
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स्कूली बच्चों सहित अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों से भी चर्चा की गई। 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले स्कूलों के प्रिंसिपलों से भी कमेटी ने अलग से बैठक की। इसमें सामने आया कि जहां-जहां इस साल सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, वहां का परीक्षा परिणाम घटा है।
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344 स्कूलों का परिणाम 25 फीसदी से कम

जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा लेने की पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। सीसीटीवी कैमरे लगने के कारण परीक्षा परिणाम घटने से सवाल खड़ा हो गया है कि क्या आज से पहले परीक्षा केंद्रों में खुले तौर पर नकल चलती थी? 

परीक्षाओं को लेकर विवादों में चल रहे शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली इससे संदेह के घेरे में आ गई है। उधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा एजेवी प्रसाद ने बताया है कि रिपोर्ट को पढ़ने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। 

दसवीं और जमा दो कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 51 सरकारी और निजी स्कूलों में एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ है। दसवीं में 37 स्कूलों और जमा दो में 14 स्कूलों का वार्षिक परिणाम शून्य रहा है। प्रदेश के 344 स्कूलों का परिणाम 25 फीसदी से कम रहा है। 

इन अफसरों की बनाई गई थी जांच कमेटी
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा, राज्य विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पंकज ललित, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा (कॉलेज) डॉ. कृष्णा वैद और संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा (प्रशासन) पंकज को शामिल कर सरकार ने बोर्ड नतीजों की समीक्षा करवाई है।
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