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Himachal: हिमाचल के सीबीएसई स्कूलों को मिले गणित विषय के 308 नए शिक्षक, पांच दिन में देनी होगी ज्वाइनिंग

Thu, 11 Jun 2026 07:46 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड आधारित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने गणित विषय के 308 शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। 
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हिमाचल के सरकारी सीबीएसई स्कूलों को मिले गणित शिक्षक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) आधारित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने गणित विषय के 308 शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य चयन आयोग की सिफारिश और प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद चयनित अभ्यर्थियों को सीबीएसई से संबद्ध अथवा संबद्धता के लिए अधिसूचित सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त किया गया है। शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार इन शिक्षकों की नियुक्ति स्कीम फॉर सीबीएसई अफिलिएटेड स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस इन हिमाचल प्रदेश के तहत बनाई गई विशेष उप योजना के तहत की गई है। नियुक्तियां पूरी तरह अस्थायी आधार पर पांच वर्ष की अवधि के लिए होंगी।

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चयनित शिक्षकों को 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा

चयनित शिक्षकों को 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा, जो शैक्षणिक सत्र के 10 महीनों के लिए देय होगा। इन शिक्षकों की नियुक्ति किसी स्वीकृत नियमित पद के विरुद्ध नहीं की गई है। इसलिए उन्हें सरकारी कर्मचारी नहीं माना जाएगा और न ही नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले सेवा लाभ, वेतनमान, पेंशन अथवा अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उनकी सेवाएं केवल संबंधित उप-योजना और अनुबंध की शर्तों के अनुसार संचालित होंगी। शिक्षा निदेशालय ने चयनित अभ्यर्थियों को आदेश जारी होने के पांच कार्य दिवसों के भीतर संबंधित विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में ज्वाइनिंग नहीं करने पर नियुक्ति रद्द मानी जाएगी। ज्वाइनिंग के समय अभ्यर्थियों को मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, स्व-घोषणा पत्र तथा निर्धारित प्रारूप में अनुबंध एवं बॉन्ड जमा करना होगा। निदेशालय ने विद्यालय प्रधानाचार्यों को चयनित उम्मीदवारों के मूल प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों का पुनः सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी प्रकार की त्रुटि, तथ्य छिपाने या गलत जानकारी मिलने पर नियुक्ति रद्द की जा सकती है तथा कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

नर्सरी से बारहवीं तक पढ़ाएंगे गणित, किसी भी स्कूल में दी जा सकेगी तैनाती

नियुक्त शिक्षकों को केवल वरिष्ठ कक्षाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्हें बालवाटिका-1 से लेकर कक्षा 12वीं तक विद्यार्थियों की गणितीय समझ और बुनियादी अवधारणाओं को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त रिमेडियल कक्षाएं भी लेनी होंगी, ताकि छात्रों की गणितीय दक्षता में सुधार किया जा सके। शिक्षा विभाग ने नियुक्त शिक्षकों को राज्य के किसी भी सरकारी स्कूल में तैनात करने या प्रतिनियुक्ति पर भेजने का अधिकार सुरक्षित रखा है।आवश्यकता पड़ने पर उन्हें क्लस्टर के अन्य विद्यालयों, प्राथमिक स्कूलों या नजदीकी सरकारी स्कूलों में भी अल्पकालिक अवधि के लिए भेजा जा सकेगा। इसके अलावा वे रिक्त पदों अथवा अवकाश पर गए शिक्षकों के स्थान पर सब्स्टीट्यूट टीचर के रूप में भी कार्य करेंगे।

केवल 10 आकस्मिक अवकाश और मातृत्व अवकाश

योजना के तहत शिक्षकों को वर्ष में 10 कैजुअल लीव तथा मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के अनुसार मातृत्व अवकाश मिलेगा। हालांकि सीसीएस नियम, अवकाश नियम, पेंशन नियम और अन्य सरकारी सेवा नियम इन पर लागू नहीं होंगे। योजना के तहत किया गया कार्यकाल भविष्य में किसी सेवा लाभ या वरिष्ठता के लिए भी मान्य नहीं होगा। योजना के तहत कार्यरत शिक्षकों को भविष्य में नियमित नियुक्ति या नियमितीकरण का कोई अधिकार प्राप्त नहीं होगा। यदि भविष्य में सरकार नियमित पदों पर भर्ती करती है तो इन शिक्षकों को भी अन्य अभ्यर्थियों की तरह चयन प्रक्रिया में भाग लेना होगा और निर्धारित परीक्षा या चयन प्रक्रिया उत्तीर्ण करनी होगी। शिक्षकों को हिमकेयर और आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिलेगा। हालांकि सरकारी कर्मचारियों की तरह चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।

सीबीएसई सब-काडर शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेशाध्यक्ष बने खजान सिंह

उधर, हिमाचल प्रदेश सीबीएसई सब-काडर शिक्षक कल्याण संघ का खजान सिंह को प्रदेशाध्यक्ष चुना गया है। वीरवार को हुई एक ऑनलाइन कोर ग्रुप बैठक में यह नियुक्ति की गई। बैठक में प्रदेशभर के विभिन्न जिलों के सदस्यों ने भाग लिया। राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश ठाकुर बैठक में उपस्थित रहे। हिमाचल प्रदेश कला अध्यापक संघ के महासचिव विजय हीर भी विशेष रूप से मौजूद थे। खजान सिंह के चयन पर सदस्यों ने उन्हें बधाई दी। सदस्यों ने संगठन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई। नवनिर्वाचित प्रदेशाध्यक्ष खजान सिंह ने कहा कि संघ का मुख्य उद्देश्य सीबीएसई सब-काडर शिक्षकों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन उनके न्यायोचित अधिकारों को दिलाएगा। उन्होंने शिक्षकों की आवाज को मजबूती से उठाने का संकल्प लिया।
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बैठक में सीबीएसई सब-काडर शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। सेवा संबंधी लंबित मामलों तथा अन्य मांगों को लेकर भी चर्चा की गई। सदस्यों ने निर्णय लिया कि शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। शिक्षा विभाग के समक्ष भी इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखा जाएगा। इसका उद्देश्य उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। बैठक में संगठन के विस्तार की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। सदस्यता अभियान को गति देने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आगामी गतिविधियों की योजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। सभी सदस्यों ने एकजुट होकर शिक्षकों के हित में कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
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