हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच जारी है और उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में यह जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए कुछ समय और चाहिए।
अदालत ने सीबीआई को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के लिए केस की सुनवाई अब 6 अगस्त को तय की है। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण की ओर से दायर जनहित याचिका में वीरभद्र सिंह पर मुख्यमंत्री पद पर रहते हाइडल पावर प्रोजेक्ट में मेसर्स वेंचर एनर्जी टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड को फायदा पहुंचाने और केंद्रीय इस्पात मंत्री के समय की वीबीएस डायरी मामले में विस्तृत जांच की मांग की गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी और न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष सीबीआई ने कहा कि हमने काफी जांच पूरी कर ली है। अब इसे कंपाइल किया जा रहा है।
खंडपीठ ने हाल ही में सीबीआई की धीमी जांच पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि मामले की जांच दो वर्ष से चल रही है लेकिन अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि जांच कहां तक पहुंची? अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने वीरभद्र सिंह पर मनी लॉंड्रिंग, भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति जैसे संगीन आरोप लगाए हैं, जबकि वीरभद्र सिंह कह चुके हैं कि पालमपुर के कंडबाड़ी में नियम के विपरीत खरीदी गई जमीन मामले में कार्रवाई होने के बदला लेने के लिए प्रशांत भूषण ने झूठा केस दायर किया।