सीबीआई के मीडिया प्रभारी आरसी गौड़ ने कहा कि सरकार से मामला मिलने के बाद जांच के लिए सीबीआई की शिमला शाखा को भेजा जा चुका है। यहां मामले की जांच के बाद ही आगामी कदम उठाया जाएगा।
शिक्षा विभाग की अभी तक की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि बीते चार साल में 2.38 लाख छात्रों में से 19,915 छात्रों को चार मोबाइल फोन नंबर से जुड़े बैंक खातों में छात्रवृत्ति राशि जारी कर दी गई। यही नहीं, 360 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति चार ही बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
5729 को छात्रवृत्ति देने में तो आधार नंबर का इस्तेमाल ही नहीं हुआ। बड़ी बात यह है कि साल 2013-14 से लेकर साल 2016-17 तक शिक्षा विभाग ने किसी भी स्तर पर छात्रवृत्ति योजनाओं की निगरानी तक नहीं की।