बहुचर्चित गुड़िया मामले में सीबीआई ने चार कंपनियों के 15 मोबाइल टावरों का रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। ये टावर हलाइला, गुड़िया के गांव, गुम्मा और कोटखाई क्षेत्र के आसपास हैं।
बीते 4 जुलाई को इन क्षेत्रों में किन-किन लोगों की कहां-कहां और किससे बात हुई है सीबीआई इसकी जानकारी जुटा रही है। 6 जुलाई को हलाइला जंगल में गुड़िया की लाश मिली थी।
सीबीआई अनुमान लगा रही है कि 4 जुलाई के आसपास गुड़िया के साथ दुराचार हुआ और उसके बाद उसकी हत्या की गई। सीबीआई मोबाइल लोकेशन के जरिये जांच आगे बढ़ाना चाहती है।
ब्लड सैंपलों की रिपोर्ट से नहीं हो रहा खुलासा
चूंकि सीबीआई ने सूरज हत्याकांड की चार्जशीट में साफ कर दिया है कि पुलिस की ओर से पकड़े गए आरोपियों का इस मामले में कोई हाथ नहीं है। पुलिस ने जबरन थर्ड डिग्री लेकर उनसे जुर्म कबूलने का दबाव बनाया था।
गुड़िया मामले को अंजाम देने वाले आरोपी कोई और ही हो सकते हैं। ऐसे में सीबीआई की तीनों टीमें इस मामले में छोटी से छोटी चीज को कब्जे में लेकर जांच को आगे बढ़ाने में लगी है।
सीबीआई ने अब तक 900 से ज्यादा लोगों के ब्लड सैंपल जुटाए हैं। इनमें से कई सैंपल की रिपोर्ट सीबीआई को मिल चुकी है लेकिन अब तक कोई बड़ा सबूत हाथ नहीं लगा है।
सीबीआई ने किया है लीड मिलने का दावा
हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट देने पर सीबीआई खुलासा कर चुकी है कि उन्हें गुड़िया मामले में भी लीड मिली है। इसी के सहारे गुड़िया की जांच को आगे बढ़ाया गया है। सीबीआई का दावा है कि वह इस केस को सुलझाने के नजदीक है।
बैंकों से भी लिया गया है रिकॉर्ड
सीबीआई बैंकों से भी जुलाई से सितंबर तीन महीने का रिकॉर्ड अपने साथ ले गई है। सीबीआई की एक टीम इस रिकॉर्ड को खंगालने में जुटी है।