सीमेंट और स्टेटर बार घपले के बाद एनएचपीसी में एक और धांधली का खुलासा हुआ है। घपले की जांच के लिए पहुंची सीबीआई की टीम ने तीन दिन तक कुल्लू में डेरा डाले रखा। टीम ने एनएचपीसी के स्टोर और कार्यालय से रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा केंद्रीय जांच एजेंसी गड़सा घाटी के चार सरकारी स्कूलों से जानकारी एकत्रित कर शुक्रवार सुबह लौट गई है।
सीमेंट और स्टेटर बार के भ्रष्टाचार के बाद अब कंपनी पर लोकल परचेज कमेटी (एलपीसी) के बजाए एक ही व्यक्ति से कॉरपोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के अंतर्गत लाखों की खरीद के आरोप हैं। हालांकि कायदे से दो लाख से अधिक सामान की खरीद के लिए लोकल परचेज कमेटी (एलपीसी) का गठन होता है। इसमें तीन लोग शामिल होते हैं। जबकि दो लाख से कम का सामान खरीदने के लिए इस कमेटी की जरूरत नहीं रहती है। ऐसे में नियमों को ताक पर रखते हुए कंपनी के अधिकारियों ने सामान की खरीद की है।
बताया जा रहा है कि पिछले पांच साल में एनएचपीसी ने कॉरपोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) में जिस भी सामान की खरीद की है। वह चंडीगढ़ की दो ही दुकानों से हुई है। जबकि सामान खरीद के लिए निविदाएं भी नहीं मांगी थी। ऐसे में शिकायत मिलने पर सीबीआई ने एनएचपीसी पर शिकंजा कस दिया है। इधर, शिक्षा उपनिदेशक कुल्लू सुरजीत राव ने कहा कि सीबीआई ने चार स्कूलों को दिए फर्नीचर, कंप्यूटर और अन्य सामान की जानकारी ली है।