इसके बाद सीबीआई इस मामले में कभी भी जांच शुरू कर सकती है। इस घोटाले की जांच के जाल में कई बड़ी मछलियां भी फंसेंगी, जिनका अच्छा राजनीतिक रसूख है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शीर्ष अधिकारियों के साथ 21 अगस्त, 2018 को की बैठक में यह मामला जांच के लिए सीबीआई को भेजने का फैसला लिया।
तबसे लेकर अब तक इस बारे में केंद्रीय कार्मिक विभाग और सीबीआई से हिमाचल सरकार का कई बार पत्राचार हुआ। हिमाचल सरकार ने कई बार इस बारे में रिमाइंडर भी भेेजे। छह महीने से अधिक समय बीत जाने पर भी पत्राचार का दौर खत्म नहीं हुआ है।