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हिमालयी राज्यों की जलवायु परिवर्तन का अब स्विट्जरलैंड की तर्ज पर होगा आकलन

Thu, 14 Mar 2019 11:50 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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स्विट्जरलैंड की तर्ज पर अब भारत के हिमालय राज्यों में जलवायु परिवर्तन का आकलन होगा। सरकारी विभागों के अलावा प्रौद्योगिक संस्थान साझा आकलन करेंगे। हिमालयन क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को बेहतर ढंग से निपटने की राह दिखाएंगे।

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आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी मंडी और भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलूरू ने आपसी सहयोग से 12 भारतीय हिमालय राज्यों के जलवायु परिवर्तन का मानचित्र तैयार किया है।

पहली बार इस तरह का प्रयास हुआ है। इस मानचित्र से हिमालय राज्यों के जलवायु परिवर्तन की तुलना हो सकेगी। यह तुलनात्मक आकलन सरकारी अधिकारियों, क्रियान्वयन अभिकरणों, निर्णय लेने वालों, वित्तीय अभिकरणों और विकास विशेषज्ञों के लिए उपयोगी होगा।

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ये राज्य किए हैं शामिल

ग्लोबल वार्मिंग का असर
इसके लिए एक पोर्टल भी शुरू किया गया है, जो खास तौर से संवेदनशीलता के आकलन के लिए बना है। 12 राज्यों में पूर्वी भारत के असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और पश्चिम बंगाल (पहाड़ी जिले) शामिल हैं और पश्चिमी भाग में हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर शामिल हैं।

मानविकी एवं समाज विज्ञान विभाग आईआईटी मंडी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्यामाश्री दासगुप्ता के मुताबिक हाल ही में गुवाहाटी में कार्यशाला भी हो चुकी है। आईएचआर (इंडियन हिमालयन रीजन) के राज्यों और राज्य के संबद्ध विभागों के बीच बेहतर सहयोग से जलवायु परिवर्तन से जूझने की क्षमता बढ़ेगी। परिस्थिति अनुकूल बनाने के कई प्रयासों को प्रशासनिक सीमाओं से बढ़कर आपसी सहयोग से काम किया जा सकेेगा। 
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आकलन कार्यक्रम का हिस्सा बनना गर्व की बात : निदेशक

निदेशक आईआईटी मंडी प्रो. टिमथी ए गोंजाल्विस ने कहा कि आईआईटी मंडी हिमालय क्षेत्र में बसा है। इस दृष्टिकोण से भी इस संवेदनशीलता आकलन कार्यक्रम का हिस्सा बनना गर्व की बात है। आईआईटी मंडी की विभिन्न शोध परियोजनाएं हिमालय क्षेत्र की संवेदनशीलता, खतरों और असीम बदलाव की घटनाओं के समाधान में बहुत सहयोगी हो रही हैं।

स्विट्जरलैंड के पास है लंबा अनुभव
स्विट्जरलैंड दूतावास की प्रमुख तामरा मोना ने आईआईटी मंडी को जारी वक्तव्य में कहा कि भारत की तरह स्विट्जरलैंड में भी जलवायु परिवर्तनों और उनके जोखिमों का सामना करने का लंबा अनुभव रहा है। स्विट्जरलैंड की राष्ट्रीय नीति जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाई गई है। इसके लिए स्थानीय सरकार की रणनीतियां अहम भागीदारी निभाती हैं। विस्तृत और मूलतया स्थानीय जोखिमों के आकलन, मानचित्र और तैयारी, योजना और कार्यों पर आधारित है।
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