250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई की जांच में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निजी शिक्षण संस्थानों ने विद्यार्थियों की लाखों की छात्रवृत्ति के साथ ही पीड़ित परिवारों की गैस सब्सिडी तक हड़प ली है। इसके लिए उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग किया गया और फर्जी खातों में ही गैस सब्सिडी भी आती रही। शिक्षा विभाग और सीबीआई की जांच में पीड़ित छात्रों के बयानों में यह बात सामने आई है।
जांच में सामने आया कि फतेहपुर बडूखर में देश के दो बड़े निजी विश्वविद्यालय के सेंटरों में एडमिशन के लिए गए प्रदेश के सैंकड़ों छात्रों को दाखिला नहीं मिला। साथ ही निजी संस्थानों ने उनके दस्तावेजों को भी जबरन अपने पास रख लिया। इसके बाद जब उक्त छात्रों ने अन्य विश्वविद्यालयों में दाखिला लिया और इसके बाद छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया तो पता चला कि उनकी छात्रवृत्ति पहले ही
अन्य संस्थानों में पंजीकृत है। हालांकि, विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने शिक्षा विभाग में कई स्तरों पर इसकी छानबीन कराई लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण ही निजी संस्थान गरीब विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति हड़पते रहे और विभाग गहरी नींद में सोया रहा।
कई छात्रों को बीच में छोड़नी पड़ी पढ़ाई
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि कई छात्रों ने छात्रवृत्ति मिलने की उम्मीद से चंडीगढ़ में नामी विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया। यहां उन्हें कहा गया था कि उन्हें छात्रवृत्ति मिलेगी लेकिन बाद में नहीं मिली। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी।
प्रदेश में ऐसे सैंकड़ों छात्र हैं, जिनकी पढ़ाई छात्रवृत्ति घोटाले की भेंट चढ़ गई और निजी विश्वविद्यालय फर्जी तरीके से करोड़ों की चांदी कूटते रहे। हालांकि, अब सीबीआई जांच शुरू होने के बाद निजी शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।