प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी व बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म तथा हत्याकांड से जुड़े सूरज लॉकअप हत्याकांड के आरोपी आईजी जहूर हैदर जैदी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। शिमला की पूर्व एसपी सौम्या सांबशिवन के चंडीगढ़ स्थित सीबीआई अदालत में जैदी की ओर से फोन कर बयान बदलने का दबाव बनाने और मानसिक प्रताड़ित करने का बयान देने के बाद अब सीबीआई उनकी जमानत को चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
सीबीआई की चुनौती की वजह से ही जैदी लंबे समय तक जेल में रहे और कोर्ट ने उन्हें जमानत नहीं दी। चूंकि, किसी भी जमानत के दौरान गवाहों को प्रभावित न करने की चिंता हर जांच एजेंसी की रहती है। इस मामले में गवाह सौम्या ने जैदी के खिलाफ कोर्ट में ही गवाही दे दी है।
ऐसे में अब माना जा रहा है कि सीबीआई अगली सुनवाई में जैदी की जमानत खारिज करने को लेकर कोर्ट में आवेदन कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सीबीआई के आला अधिकारी विधि अधिकारियों के साथ इस बात को लेकर मंथन में जुटे हैं। चूंकि, अभी कोर्ट के आदेश आधिकारिक रूप से सीबीआई या हिमाचल सरकार के पास नहीं पहुंचे हैं, ऐसे में वह समय ले रही है।
उधर, प्रदेश सरकार भी कोर्ट के आदेश व सौम्या के बयान की प्रति मिलने का इंतजार कर रही है। सरकार के सूत्रों का कहना है कि मामले में मुख्यमंत्री ने पहले ही सख्त कार्रवाई के लिए निर्देश दे दिए हैं। ऐसे में सिर्फ कोर्ट से आदेश आने का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद प्रदेश सरकार उनके निलंबन को लेकर भी फिर से विचार कर सकती है।