केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शिमला की नाबालिक के दुष्कर्म और हत्या का सही सुराग देने वाले को 10 लाख का इनाम देगी। इस साल जुलाई में शिमला केमहाशू में हुई इस सनसनीखेज कांड की तफ्तीश में ठोस सुराग केलिए जद्दोजहद कर रही सीबीआई ने नागरिकों से मदद मांगी है। सीबीआई ने शुक्रवार को एलान किया कि अगर कोई व्यक्ति इस घटना का विश्वसनीय सुराग देता है तो 10 लाख रुपया दिया जाएगा। सुराग और सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा।
सूचना मोबाइल नंबर 91-9650394782 और 9870530011 पर दी जा सकती है। यह नंबर एसपी और डिप्टी एसपी, विशेष अपराध शाखा (एससी)- 1 का है। इस अलावा सीबीआई ने शिमला का स्थानीय नंबर 8219885920 , 8219893590 और दिल्ली मुख्यालय का 011- 24368637 नंबर जारी किया है। ईमेल ह्यश्चह्यष्ह्व2स्रद्गद्यञ्चष्ड्ढद्ब.द्दश1.द्बठ्ठ पर भी इस मामले से संबंधित जानकारी दी जा सकती है।
4 जुलाई 2017 को पीड़िता महाशू के सीनियर सेकेंड्री स्कूल से करीब 4.30 बजे निकली थी और घर नहीं पहुंची। इससे दो दिन बाद उसकी लाश कोटखई के जंगल केइलाके में मिली। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरु की। पहले हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इस मामले में कुछ लड़कों को गिरफ्तार किया था। उन आरोपियों में से एक सूरज की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इस मामले की जांच के लिए राज्य पुलिस की विशेष टीम गठित की गई।
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जब जांच सीबीआई के हाथ आई तो एजेंसी ने उसी टीम के प्रमुख आईजी जहूर जैदी समेत सात पुलिस कर्मी को गिरफ्तार कर लिया। इसकेकुछ दिन बाद घटना केदौरान शिमला केएसपी रहे डी डब्लू नेगी को भी गिरफ्तार किया। इन पुलिस वालों की असल घटना से संलिप्तता को लेकर एजेंसी से कोई जानकारी साझा नहीं की। सीबीआई ने आरोपी लड़कों का ब्रेन मैंपिंग टेस्ट भी करवाया। लेकिन सीबीआई किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी।