मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को अवैध खनन रोकने के लिए ड्रोन से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। सुक्खू ने कहा कि युवा अधिकारी नए विचार राज्य सरकार के समक्ष रखें। सभी उपायुक्त और एसडीएम कार्यालय ई-ऑफिस प्रणाली के साथ जोड़े जाएं और सभी कार्यों का निपटारा ई-फाइल पर करना सुनिश्चित किया जाए। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने दूसरे बजट की तैयारी शुरू कर दी है, जिसमें बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को शिमला में जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के सम्मेलन की अध्यक्षता की। सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप परियोजनाओं की समीक्षा कर इनके कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कानून-व्यवस्था को सृदृढ़ करने के लिए विभिन्न स्थानों पर नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस, राज्य कर, आबकारी और वन विभाग के कर्मचारियों की एकीकृत चौकियां स्थापित करने का भी आग्रह किया। आपदा में बेहतर कार्य के लिए कुल्लू और मंडी जिला प्रशासन की मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वह सत्ता सुख के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं। पिछले दस माह के कार्यकाल में इस दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में आत्मनिर्भर राज्य बनने की पूरी क्षमता है। चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर और अगले 10 वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाएंगे। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कहा कि मुख्यमंत्री पिछले 10 महीने से उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों से निरंतर संवाद कर रहे हैं। आपदा के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं ग्राउंड जीरो पर उतरे और सशक्त नेतृत्व प्रदान किया। प्रधान सचिव मुख्यमंत्री भरत खेड़ा ने सम्मेलन में सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू का स्वागत किया।