किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी आपदा राहत के मामले में अपनी बात रख रहे थे तो उस वक्त राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी से बातचीत कर रहे थे। चौधरी उनकी बगल में बैठ गए थे।
उन्होंने तंज किया कि मंत्री गप्पें मार रहे हैं, ये सुनेंगे नहीं। जवाब इनका पहले से ही तैयार है। इस पर जब स्पीकर बोले कि ये सुन रहे हैं। इस पर जगत सिंह बोले - इनके तीन कान हैं क्या? न प्रदेश में खाद है न कुछ और है। हिमाचल के किसानों ने जीडीपी बढ़ाने में बहुत योगदान दिया है। यहां ये ऐसा कहते भी हैं। पर आप किसानों को क्या देते हैं।
विधानसभा सदन में गुरुवार को गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस पर प्लास्टिक से बढ़ते प्रदूषण और उसके खाने से पशुओं की हो रही अकाल मृत्यु व बेसहारा पशुओं के लिए बनाए गए गो सदनों के रखरखाव के लिए नीति बनाने पर संकल्प पर चर्चा हुई। भाजपा विधायक रमेश धवाला की ओर से लाए गए संकल्प प्रस्ताव में उन्होंने कहा कि लोग रात के समय पशुओं को छोड़ रहे हैं। प्लास्टिक कचरा खाकर पशु घूम रहे हैं और बाद में तड़प-तड़प कर उनकी मौत हो रही है। पिछले 5 से 7 सालों में पशुओं को छोड़ने का प्रचलन ज्यादा बढ़ा है। सरकार को नियम लाने की जरूरत है कि जो लोग आवारा छोड़ रहे हैं, उनका नाम राशनकार्ड से हटाया जाएं ताकि इन लोगों को सस्ता राशन न मिल सके। परिवार रजिस्टर की तरह पशुओं की भी एंट्री रजिस्टर होनी चाहिए। ताकि पता चल सके कि कौन सा पशु मर गया है या फिर कौन का बेचा है।
विधायक आशा कुमारी ने कहा कि गो सदन संचालक मांग कर रहे हैं कि अगर रोजाना एक पशु पर सरकार 50 रुपये दे तो बेहतर तरीके से इनका पालन-पोषण होगा। महीने के 1500 रुपये मिलने चाहिए। शहरी मंत्री के साथ मिलकर ऐसी स्कीम लाए जो प्लास्टिक कचरे पर कार्रवाई कर सके। जब तक गाय दूध देती है वह हमारी है, जब नहीं देती तो सरकारी है। कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि प्लास्टिक कचरा खाने से पशुओं के पेट में रसोली बन रही है। जिससे वह रात को रोते हैं और फिर उनकी मौत हो जाती है। आवारा सांड लोगों को मार रहे हैं। भाजपा विधायक जेआर कटवाल ने कहा कि आवारा पशु फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। विशाल कुमार नैहरिया, लखविंद्र सिंह राणा, सुंदर सिंह ठाकुर, हीरालाल व प्रकाश ठाकुर और बलवीर वर्मा ने भी चर्चा में भाग लिया। आगामी मानसून सत्र में पंचायतीराज मंत्री इसका जवाब देंगे।