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हिमाचल: एनएचएआई परियोजना निदेशक समेत दो पर 10 लाख रिश्वत मांगने पर केस, जानें पूरा मामला

Tue, 10 Mar 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 एनएचएआई के एक परियोजना निदेशक और चंडीगढ़ की एक आर्किटेक्ट के खिलाफ 10 लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
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रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा शिमला ने एनएचएआई के एक परियोजना निदेशक और चंडीगढ़ की एक आर्किटेक्ट के खिलाफ 10 लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई कांगड़ा जिले के नूरपुर स्थित पेट्रोल पंप मालिक की शिकायत पर की गई है। आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग से पंप को जोड़ने के लिए फाइनल एनओसी जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी।

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कांगड़ा जिले के नूरपुर स्थित जेएस फिलिंग स्टेशन के मालिक ईशान धींगरा ने सीबीआई को दी शिकायत में आरोप लगाया कि एनएचएआई पालमपुर के परियोजना निदेशक विकास सुरजेवाला ने उन्हें चंडीगढ़ की आर्किटेक्ट सीमा राजपाल से संपर्क करने के लिए कहा था।

जनवरी 2026 में निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने कथित तौर पर पंप को बंद करने की धमकी दी और एक्सेस परमिशन के बदले 10 लाख रुपये की मांग की। 4 फरवरी 2026 को पालमपुर कार्यालय में हुई बैठक में आर्किटेक्ट सीमा ने शिकायतकर्ता को बताया कि परियोजना निदेशक से उनकी बात हो चुकी है और काम करवाने के लिए 10 लाख का इंतजाम करना होगा।
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सीबीआई की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 6 मार्च 2026 को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 लाख रुपये लेने पर सहमति बनी थी। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि दबाव बनाने के लिए पेट्रोल पंप के सामने करीब 28 मीटर तक जमीन खुदवा दी गई और ईंधन आपूर्ति रोकने की धमकी दी गई। सीबीआई ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 ए के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एडिशनल एसपी सुनीत कुमार पाल को सौंपी गई है।
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