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हिमाचल में दवाओं के लिए भांग खेती वैध की जाए : सुंदर सिंह

Mon, 12 Nov 2018 10:07 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुल्लू
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पूर्व विधायक महेश्वर सिंह के बाद सदर के विधायक सुंदर सिंह ने तथ्यों के साथ भांग की खेती को वैध करने की पैरवी की है। कहा कि भांग को नशे के बजाय दवाइयों के लिए वैध किया जाना चाहिए।

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नशे की मात्रा को कम कर और दवाई वाला भाग बढ़ाकर इससे ग्रामीणों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी। कुल्लू में पत्रकारों से बातचीत में सुंदर सिंह ने कहा कि एडवोकेट डीके खन्ना ने तथ्यों के साथ याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी।

हाईकोर्ट ने गत आठ जनवरी को आदेश पारित किया है कि सरकार को भांग/हैंप के व्यावसायिक व मेडिकल उपयोग के बारे में पॉलिसी बनाने पर विचार करना चाहिए।

19 जुलाई को एक ऐसी ही याचिका पर हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने सरकार को आदेश दिया कि रिसर्च एजेंसियों को भांग के पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। 

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भांग की खेती नष्ट करते हुए
कहा कि भांग कई बीमारियों के लिए लाभदायक है। कम टीएचसी वाले पौधों के उत्पादन से किसानों को माफिया के चंगुल से बचाया जा सकता है और उन्हें वैध आय हो सकती है।

एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 14 के तहत इसके लिए विधानसभा से कानून बनाने की भी कोई जरूरत नहीं है। 29 अक्तूबर को सुनवाई में सरकार ने कोर्ट से समय मांगा है।

कहा कि पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह व पूर्व विधायक महेश्वर सिंह ने कई बार इस मामले को उठाया है। इस दौरान कांग्रेस जिला मीडिया प्रभारी राजेश शानू, राजेश सेठ, नौमी राम, किशन ठाकुर और अन्य मौजूद रहे। 

अधिवक्ता डीके खन्ना ने कहा कि भांग की वैधता होने पर पर्यटन भी बढ़ेगा। इसके लिए विशेष क्लीनिकों की आवश्यकता भी रहेगी। लोगों में भांग का नाम सुनते ही नशे की धारणा बन गई है। जबकि मेडिकल तौर पर यह बेहद उपयोगी है। 
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