भांग की खेती नष्ट करते हुए
कहा कि भांग कई बीमारियों के लिए लाभदायक है। कम टीएचसी वाले पौधों के उत्पादन से किसानों को माफिया के चंगुल से बचाया जा सकता है और उन्हें वैध आय हो सकती है।
एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 14 के तहत इसके लिए विधानसभा से कानून बनाने की भी कोई जरूरत नहीं है। 29 अक्तूबर को सुनवाई में सरकार ने कोर्ट से समय मांगा है।
कहा कि पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह व पूर्व विधायक महेश्वर सिंह ने कई बार इस मामले को उठाया है। इस दौरान कांग्रेस जिला मीडिया प्रभारी राजेश शानू, राजेश सेठ, नौमी राम, किशन ठाकुर और अन्य मौजूद रहे।
अधिवक्ता डीके खन्ना ने कहा कि भांग की वैधता होने पर पर्यटन भी बढ़ेगा। इसके लिए विशेष क्लीनिकों की आवश्यकता भी रहेगी। लोगों में भांग का नाम सुनते ही नशे की धारणा बन गई है। जबकि मेडिकल तौर पर यह बेहद उपयोगी है।