सीएम ने कहा कि पटवारी और कानूनगो की हड़ताल के चलते अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र नहीं बन रहे हैं। । अभ्यर्थी राज्य की नौकरियों में प्रमाणपत्र के लिए सेल्फ डिक्लेरेशन(स्व-घोषणा) कर सकेंगे।
पटवारी और कानूनगो की हड़ताल के कारण उम्मीदवारों को दिक्कतें पेश न आएं, इसके चलते उम्मीदवार अब सेल्फ डिक्लेरेशन यानी स्वयं घोषणा कर प्रमाणपत्र जमा करवा सकेंगे। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार जारी करेंगे। ये अधिकारी बोनाफाइड हिमाचली प्रमाणपत्र, अन्य जाति, आर्थिक रूप से पिछड़े और आवश्यक प्रमाणपत्र जारी करेंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह जानकारी विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर की ओर से पटवारी व कानूनगो की हड़ताल को लेकर युवाओं को आ पेश आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाने के बाद कही। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। इसको अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। स्टेट कैडर के विरोध में पटवारी और कानूनगो 28 फरवरी से अनिश्चितकालीन पेन डाउन स्ट्राइक पर हैं, जिसके कारण राजस्व संबंधी और अन्य प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। इन दिनों विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी और अन्य परीक्षाओं के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसके लिए प्रमाण पत्रों की आवश्यकता होती है।
हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ स्टेट कैडर को समाप्त करने और अन्य मांगों को पूरा करने पर अड़े हैं। संघ ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक वे हड़ताल पर रहेंगे। उधर, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ को 12 मार्च को 2:30 बजे विधानसभा कमेटी रूम में बैठक के लिए बुलाया है। इसमें उनकी मांगों को लेकर चर्चा होगी और उसके बाद ही कानूनगो व पटवारी महासंघ की ओर से हड़ताल को समाप्त करने व जारी रखने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।