एचपी यूनिवर्सिटी में एसएफआई के अनशन पर बैठा छात्र चक्कर खाकर गिर पड़ा।
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एचपी यूनिवर्सिटी में एसएफआई के अनशन पर बैठा छात्र चक्कर खाकर गिर पड़ा। इसे एचपीयू की डिस्पेंसरी में उपचार के बाद आईजीएमसी में भर्ती किया गया है। सोमवार सुबह अचानक इसकी तबीयत खराब हुई। यहां इसका उपचार जारी है।
इसकी हालत स्थित है। छात्र अजय कुमार अर्थशास्त्र विभाग से है। छात्र के बेहोश होने के बाद गुस्साए कार्यकर्ताओं ने एचपीयू में जोरदार प्रदर्शन किया और वीसी पर संगठन की मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया।
हैरानी की बात है कि छात्र के बेहोश होने की खबर एचपीयू में फैलने के बाद वीसी और अन्य अफसर मौके पर नहीं पहुंचे। इससे संगठन के कार्यकर्ता गुस्सा गए। कुलपति कार्यालय के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। कुलपति से मिलने गए तो वो नहीं मिले। इस पर कार्यकर्ता कुलसचिव से मिलने पहुंचे।
जब तक मांगें नही मानते, तब तक जारी रहेगा आंदोलन
नोवल ने कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती, तब तक एसएफआई का यह आंदोलन जारी रहेगा।
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छात्र नेता नोवल ठाकुर और सचिव विपिन सहित अन्य एसएफआई नेताओं ने बताया कि कुलसचिव ने मांग मानने का आश्वासन जरूर दिया है, मगर कुलपति जान बूझ कर आम छात्रों की मांगों को लेकर लड़े जा रहे इस आंदोलन को हलके में ले रहे हैं।
इसे अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर चल रहे हैं। नोवल ने कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती, तब तक एसएफआई का यह आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच यदि किसी छात्र को कुछ होता है तो इसके लिए सिर्फ और सिर्फ कुलपति जिम्मेदार होंगे।
उन्हीं की हठ के कारण आज छात्रों को परीक्षा के दिनों में दो दो दिन भूख हड़ताल पर बैठने पर मजबूर होना पड़ रहा है। नोवल ने कहा कि अनशन पर बैठ रहे छात्रों की तबीयत खराब होने उन्हें उल्टी आने और बेहोश होने की घटनाएं होने लगी है।
कुलपति मांगे मानने के बजाय विवि परिसर से गायब रह कर अपनी जिम्मेदारियों से भागने का प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि एक भी छात्र को यदि कुछ हुआ तो, एसएफआई उग्र हो आंदोलन पर उतरेगी, जिसके लिए कुलपति ही जिम्मेदार होंगे। संगठन का अनशन 61वें दिन भी जारी रहा।
स्ट्रीट लाइट की रोशनी में पढ़ रहे छात्र
करीब दो माह से संगठन का अनशन जारी है। बीच में एक दो बार वार्ता करने के बाद प्रशासन ने छात्रों को अब उनके हाल पर छोड़ दिया है।
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एचपीयू में अनशन पर बैठे एसएफआई के कार्यकर्ता पीजी परीक्षाओं की तैयारी स्ट्रीट लाइट की रोशनी में कर रहे हैं। अनशन के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी भी छात्र कर रहे हैं। हैरत इस बात की है कि एचपीयू प्रशासन ने इस सब पर अपनी आंखें मूंद रखी हैं।
करीब दो माह से संगठन का अनशन जारी है। बीच में एक दो बार वार्ता करने के बाद प्रशासन ने छात्रों को अब उनके हाल पर छोड़ दिया है। अनशन पर बैठे छात्र पीजी परीक्षाओं की तैयारी स्ट्रीट लाइट की रोशनी में करने को मजबूर हैं।
सोमवार को राजेश कुमार, सन्नी और हरीश 48 घंटे के अनशन पर बैठे। कार्यकर्ता अब इस लड़ाई और आंदोलन को निर्णायक बना चुके हैं, जब तक मांगे पूरी नहीं होती, तब तक वे आंदोलन को जारी रखेंगे।