हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में रविवार को एमबीबीएस और बीडीएस के दूसरे दौर की काउंसलिंग शुरू हुई। काउंसलिंग कमेटी के चेयरमैन एवं चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अशोक शर्मा, कमेटी सचिव और परीक्षा नियंत्रक की देखरेख में विवि सभागार में सुबह दस बजे शुरू हुई काउंसलिंग देर रात तक चलती रही।
जानकारी के अनुसार दूसरे दौर की काउंसलिंग में एमबीबीएस की 81 और बीडीएस की 88 खाली सीटें भरी जानी हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि पहले दिन करीब 500 पात्र अभ्यर्थी बुलाए गए थे। दूसरे दौर की काउंसलिंग में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटें खाली रहने से पूर्व में की गई सीट आवंटन प्रक्रिया में बदलाव करना पड़ रहा है।
इसलिए काउंसलिंग की प्रक्रिया देर रात तक जारी रखनी पड़ सकती है। काउंसलिंग में हिस्सा लेने आने वाले अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए विश्वविद्यालय से बस की व्यवस्था की गई है। दूसरे दौर की काउंसलिंग 21 अगस्त तक जारी रहेगी। इसमें छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों और एक निजी मेडिकल कॉलेज के अलावा एक सरकारी डेंटल और चार निजी डेंटल कॉलेज की खाली सीटें भरी जानी हैं।
याचिका दायर करने वालों के बच्चों को आवंटित होगी सीटें
जानकारी के अनुसार काउंसलिंग प्रक्रिया में सरकार के फैसले के मुताबिक एनआरआई कोटे की एमबीबीएस और बीडीएस सीटों को सामान्य वर्ग में बदलकर भरने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सरकारी कॉलेजों के लिए एनआरआई कोटे की खाली रही एमबीबीएस की 12, जबकि सरकारी डेंटल कॉलेज में खाली दो सीटों को सामान्य वर्ग में बदलकर भरा जा रहा है।
न्यायालय के आदेशों पर दूसरे दौर की काउंसलिंग में सीट आवंटन को लेकर याचिका दायर करने वाले निजी क्षेत्र में प्रदेश के बाहर नौकरी कर रहे अभिभावकों के बच्चों को एमबीबीएस और बीडीएस की सीटें आवंटित की जानी है। काउंसलिंग से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा शाखा से प्राप्त की जा सकती है। श्रेणीवार खाली सीटों का विवरण विवि की वेबसाइट पर दिया गया है।