राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एचपीयू के आईआईएचएस विभाग के साथ महत्वपूर्ण करार कर रहा है। ग्रामीण विकास में एमबीए करने वाले और कर रहे छात्रों की सेवाएं मिशन के कार्यों में ली जाएंगी। छात्रों को आकर्षक मानदेय, भत्ते आदि भी मिलेंगे।
इससे छात्रों को सरकारी क्षेत्र में कार्य करने का मौका मिलेगा। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से आईआईएचएस (एकीकृत हिमालयन अध्ययन संस्थान) के निदेशक प्रो. एसएल कौशल और विवि के प्रो-वीसी प्रो. आरएस चौहान को 29 सितंबर को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत एचपीयू के आईआईएचएस से एमबीए ग्रामीण विकास कोर्स पूरा कर और प्रशिक्षण प्राप्त छात्रों की सेवाएं लेने को प्रस्ताव भेजा था।
प्रस्ताव पर विचार करने के बाद मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने संस्थान को लिखा कि इसे राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तय मानकों के मुताबिक एमबीए ग्रामीण विकास के छात्रों को पात्र पाया है। इस पर एनआरएलएम में डिग्री पूरी कर चुके छात्रों की यंग प्रोफेशनल के रूप में सेवाएं लेने को स्वीकृति दी है।
एचपीयू एनआरएलएम और एसएलआरएम के लिए सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगा, किसी प्रोफेशनल की सेवाएं तसल्ली बख्श न होने पर उन्हें बदलने की जिम्मेदारी भी विवि की होगी। एमबीए आरडी के छात्रों को मानदेय का भुगतान भी एचपीयू के माध्यम से करेगा।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने दी मंजूरी : प्रो. कौशल
आईआईएचएस के निदेशक प्रो. श्याम लाल कौशल ने माना कि अब तक पासआउट हुए ग्रामीण विकास डिग्री कोर्स के छात्रों की सेवाएं लेने के प्रस्ताव को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने स्वीकार कर लिया है। एचपीयू और आईआई एचएस ही अब मिशन के यंग प्रोफेशन प्रदान करने के लिए जल्द समझौता साइन करेगा।