रविवार पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) सीनेट में डीएसडब्ल्यू प्रो.नवदीप गोयल पर अपने रिश्तेदारों को कांट्रैक्ट देने के गंभीर आरोप लगाए गए। उन पर पीयू हॉस्टल सामान खरीद और हॉस्टल हाउस कीपिंग का ठेका रिश्तेदार को देने के आरोप लगाए गए। सीनेटर अशोक गोयल ने मामले में शिकायत देने पर वीसी द्वारा जांच नहीं कराने पर भी सवाल उठाया।
गोयल ने आरोप लगाया कि पीयू के विभिन्न हॉस्टल में वाटर कूलर और अन्य सामान खरीदने के लिए जिस कंपनी को ठेका दिया गया, वह डीएसडब्ल्यू प्रो.नवदीप गोयल के सगे भाई विशाल गोयल को दिया गया है। इस मामले में उन्होंने पीयू कुलपति से जांच की मांग की थी, लेकिन मामले में छह महीने बीतने के बाद भी रिपोर्ट तैयार नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका देने में पूरी तरह अनियमितताएं बरती गई हैं। पूरे मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। गोयल ने कुलपति से मामले में सीबीआई से जांच की मांग की है।
पीयू सीनेट: इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
Panjab University
- फोटो : amar ujala
-पीयू ने सभी प्रमोशन मामलों को मंजूरी दे दी।
-पीयू हॉस्टल की 2016-17 सत्र की संशोधित फीस
-दूसरे संस्थानों से पीयू में जरूरत के हिसाब से डेपुटेशन पर कर्मचारियों के आने को मंजूरी ।
-पीयू कैंपस, लुधियाना और होशियारपुुर में रेंट, लाइसेंस फीस और पानी के चार्ज बढ़ाने का फैसला
-एफिलिएशन और एक्सटेंशन में देरी करने वाले कॉलेजों पर 2 लाख तक लेट फीस लगाने ।
-विजिटिंग प्रोफेसर को अधिकतम 40 हजार ऑनरेरियम देने ।
-अंडर ग्रेजुएट कोर्स में सेमेस्टर सिस्टम को मंजूरी दे दी गई है।
पीयू बोर्ड ऑफ फाइनेंस में एमएचआरडी और यूजीसी सदस्यों को एक्सऑफिसियो मेंबर बनाने को मंजूरी।
-लॉ विभाग के नए फीस स्ट्रक्चर को मंजूरी।
इन प्रस्तावों पर नहीं बनी सहमति
-एमएड कोर्स में दाखिले के लिए एंट्रेंस टेस्ट खत्म करने ।
-प्रो.केशव मल्होत्रा के सीनेट में कुछ सीटों पर प्रोफेसर की नियुक्ति, नामिनेशन ।
-प्रमोशन में एससी कैटेगरी के तहत 15 फीसदी रिजर्वेशन के मामले पर कोई फैसला नहीं हुआ।
पीयू सीनेट: किस सीनेटर ने क्या मुद्दा उठाया
VC Arun Grover On PU
- फोटो : फाइल फोटो
-डॉ.डीपीएस रंधावा ने प्रोफेसर की रीइम्प्लाइमेंट बंद करने, पीयू स्टूडेंट काउंसिल को नई सीनेट में प्रतिनिधित्व देने का मुद्दा उठाया।
-डॉ.मुकेश अरोड़ा और मनीष वर्मा ने स्टूडेंट्स को स्पेशल चांस देने ।
-अशोक गोयल ने लॉ विभाग की खासी सीटों पर सिंडीकेट द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि के बाद भी दाखिले का मुद्दा उठाया।
-प्रो.केशव मल्होत्रा ने सीनेट में असिस्टेंट, एसोसिएट और प्रोफेसर की कुछ सीटों को नामिनेशन से भरने की मांग की।
-यूआईएएमएस में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल ऑफिसर डा.अमनदीप सिंह मरवाह से जुड़े मामले पर फिर विचार होगा।
डॉ.दिनेश तलवार ने कॉलेजों में प्रिंसिपल को रिटायरमेंट के बाद दो साल की एक्सटेंशन नहीं देने का मुद्दा उठाया।
-प्रो.शैली वालिया ने पीएचडी रिसर्च स्कॉलर की रजिस्ट्रेशन आदि में आने वाली दिक्कतों को उठाया।
प्रो.योगराज अंग्रीश ने पीयू चीफ सिक्योरिटी अफसर की नियुक्ति का मामला दोबारा सिंडीकेट में लाने का प्रस्ताव रखा।
डॉ.दलीप कुमार ने कॉलेजों में प्री-पीएचडी कोर्स और रिसर्च सेंटर शुरू करने का मामला उठाया।