हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की काउंसलिंग कमेटी ने साफ किया है कि शैक्षणिक सत्र 2017-19 में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से तय किया गया नया फीस स्ट्रक्चर लागू किया जाएगा।
18 मई 2017 को जारी अधिसूचना के मुताबिक इस फीस स्ट्रक्चर में निजी बीएड कॉलेजों की सेल्फ फाइनेंसिंग सीट की फीस 84,870 रुपये तय की गई है।
इस बार 28 जुलाई से लेकर 12 अगस्त तक बीएड की 7,650 सीटों के लिए काउंसलिंग होगी। बीएड काउंसलिंग कमेटी समन्वयक प्रो. नयन सिंह ने बताया कि बीएड की कुल 7650 सीटों के लिए काउंसलिंग होगी, जिसमें मेडिकल की 1895, नॉन मेडिकल की 1985 और आर्ट्स और साइंस की 3770 सीटें शामिल हैं।
नयन सिंह ने कहा कि बीएड की इस काउंसलिंग के लिए कुल 11,984 उम्मीदवार पात्र हैं, इनमें मेडिकल के लिए 2127, नॉन मेडिकल के लिए 3498 और आर्ट्स तथा कामर्स के लिए 6,359 छात्र पात्र हैं। यदि एचपीयू से संबंधित नौ कॉलेज एनसीटीई की शर्तें पूरी नहीं करते तो इन सीटों की संख्या कम हो जाएगी।
काउंसलिंग से पूर्व कमेटी को पेश करना होगा क्लीयरेंस पत्र
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एनसीटीई के नियमों के तहत तय शर्तों को पूरा न करने वाले एचपीयू से संबद्ध कॉलेजों में सशर्त ही काउंसलिंग और प्रवेश की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। इसे लेकर एचपीयू की बीएड काउंसलिंग कमेटी ने स्थिति साफ कर दी है।
कमेटी के समन्वयक प्रो. नयन सिंह ने काउंसलिंग से संबंधित मीडिया को दी जानकारी में साफ किया कि काउंसलिंग से पूर्व यदि ये नौ कॉलेज एनसीटीई के नियम और शर्तों को पूरा कर विवि के कुलसचिव से क्लीयरेंस लाकर कमेटी में जमा करवाते हैं, तब जाकर ही इन कॉलेजों के लिए काउंसलिंग और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
ऐसा न करने वाले कॉलेजों में एचपीयू कमेटी सीटें आवंटित नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इससे बीएड के लिए तय कुल सीटों की संख्या भी बीएड शैक्षणिक सत्र 2017-19 के लिए कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि काउंसलिंग का बीएड मेरिट के आधार पर शेड्यूल विवि की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाया गया है।