एचपीयू ने यूजी डिग्री कोर्स के पांचवें सेमेस्टर के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। नवंबर माह में गणित विषय की परीक्षा का परिणाम खराब रहा था। इससे 50 फीसदी विद्यार्थी फेल हो गए। विवि ने इन्हें 15 ग्रेस मार्क्स देने का बड़ा फैसला लिया है। ग्रेस मार्क्स मिलने से अधिकतर छात्र पास हो गए हैं। इनका एक साल बर्बाद होने से बचा गया है। ग्रेस मार्क्स के आधार पर इस परीक्षा का परीक्षा परिणाम तैयार कर घोषित भी कर दिया है।
विवि प्रशासन के इस फैसले से फेल हुए हजारों छात्र और छात्राओं को बड़ी राहत मिली है। ग्रेस अंक दिए जाने से परिणाम में बीस फीसदी तक का सुधार बताया जा रहा है। परीक्षा का परिणाम घोषित होने और परीक्षा में ग्रेस अंक मिलने से विद्यार्थियों की डिग्री इसी सत्र में पूरी भी हो जाएगी।
नवंबर 2018 में पांचवें सेमेस्टर की इस परीक्षा में सात हजार में से 50 फीसदी छात्रों के फेल होने पर खूब बवाल मचा था। छात्र संगठनों ने खराब परीक्षा परिणाम पर विवि के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इस पर विवि प्रशासन ने उत्तर पुस्तिकाओं की एक्सपर्ट से जांच करवाई।
इसमें पाया गया कि परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस थे। कुछ प्रश्न एमए स्तर के पाए गए। कमेटी ने इसे ही परीक्षा परिणाम खराब रहने का कारण बताया। इस पर कमेटी की सिफारिश पर विवि प्रशासन ने विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सभी छात्र छात्राओं को 15 अंक की ग्रेस अंक देने का फैसला लिया। इस फैसले के आधार पर ही छात्रों को अंक दिए गए और परीक्षा परिणाम तैयार किया गया है।
विवि ने किया विशेष शक्तियों का प्रयोग : घनश्याम चंद
विश्वविद्यालय के कुलसचिव और कार्यवाहक परीक्षा नियंत्रक घनश्याम चंद ने माना कि एक्सपर्ट कमेटी से विवि ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करवाने के बाद विशेष शक्तियों का इस्तेमाल कर ग्रेस अंक देने का फैसला लिया। परीक्षा परिणाम तैयार कर घोषित किया गया है। इससे परीक्षा परिणाम में 15 से 20 फीसदी तक सुधार भी आया है। यह फैसला छात्रों की मुश्किलों को देखते हुए लिया गया है।