हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि डिजिटल स्मार्ट कार्ड देगा। इसमें उनके नंबर और ग्रेड की डिटेल मिलेगी। स्मार्ट कार्ड में विद्यार्थी का बोर्ड परीक्षाओं का पूरा ब्योरा होगा।
स्मार्ट कार्ड एटीएम कार्ड के साइज का होगा। इससे सर्टिफिकेट गुम होने का खतरा भी कम होगा। कार्ड को पासवर्ड से अनलॉक किया जा सकेगा।
शिक्षा बोर्ड के संयुक्त सचिव विजय कौंडल ने यह खुलासा किया। वे शनिवार को मंडी जिले की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पधर में परीक्षा केंद्र के औचक निरीक्षण पर थे।
उन्होंने परीक्षा केंद्र में स्थिति का जायजा लिया। उनके औचक दौरे की विभाग को भी सूचना नहीं थी। हालांकि, परीक्षा केंद्र में कोई नकल का मामला सामने नहीं आया।
औचक निरीक्षण के बाद उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि नकल करने वाले विद्यार्थी कभी जीवन में सफल नहीं हो सकते। नकल का केस बनाना जरूरी नहीं है, बल्कि इसे खत्म करने के लिए बच्चों को जागरूक करना जरूरी है।
प्रदेश में मेरिट सिस्टम बंद हो गया है। जो बच्चा अपनी काबिलियत से टेस्ट पास करेगा, वही आगे चलकर सफल होगा।
उन्होंने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के निर्देशों के अनुसार बोर्ड के डाटा को डिजिटल किया जा रहा है। इसी के तहत शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. हरीश गज्जू के प्रयासों से भविष्य में डिजिटल स्मार्ट कार्ड की सुविधा छात्रों को मिलेगी।
छात्र का संपूर्ण ब्योरा डिजिटल फॉर्म में रहेगा। एमएचआरडी ने इस कार्य के लिए एक कंपनी को आउटसोर्स किया है। इससे हाल ही में शिक्षा बोर्ड सचिव की बैठक हुई है। उनके साथ पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन मेहरा भी उपस्थित रहे।