देशभर में बीएड, एमपीएड, डीएलएड और डीपीएड की पढ़ाई कर रहे या पासआउट विद्यार्थियों को अब डिग्री वेरिफिकेशन में देरी के चलते नौकरी नहीं गंवानी होगी। केंद्र सरकार विद्यार्थियों की दिक्कत को देखते हुए शैक्षणिक सत्र 2019-20 से डिग्री वेरिफिकेशन ऑनलाइन करने जा रही है। महज 200 रुपये में घर बैठे कोई भी पुराने और नए छात्र डिग्री वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे।
केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, देशभर में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) के मान्यता प्राप्त कॉलेजों में बीएड, एमपीएड, डीएलएड और डीपीएड की पढ़ाई होती है। विद्यार्थियों को पासआउट होने के साथ डिग्री तो मिल जाती है, लेकिन स्कूल में नौकरी ज्वाइनिंग से पहले उन्हें एनसीटीई की ओर से डिग्री वेरिफिकेशन पत्र लगाना जरूरी होता है।
एनसीटीई लिखकर देता है कि संबंधित विद्यार्थी की डिग्री और कॉलेज दोनों नेशनल कांउसिल फॉर टीचर एजुकेशन से मान्यता प्राप्त हैं। इसी डिग्री वेरिफिकेशन के आधार पर संबंधित विद्यार्थी को सरकारी या निजी स्कूल में नौकरी मिलती है।
अभी तक डिग्री वेरिफिकेशन ऑफलाइन होने के चलते छात्र को दिल्ली स्थित एनसीटीई मुख्यालय आना पड़ता है। हालांकि, इससे पहले विद्यार्थी को अपने कॉलेज, जिला मुख्यालय से लेकर अन्य विभागों से भी मंजूरी लेनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में कई बार डिग्री वेरिफिकेशन पत्र मिलने में महीनों लग जाते हैं और देरी के कारण नौकरी मिलते-मिलते रह जाती है।
ऑनलाइन टीचर-प्यूपल पर रजिस्ट्रेशन
वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, एनसीटीई की वेबसाइट पर ऑनलाइन टीचर-प्यूपल रजिस्ट्रेशन पोर्टल तैयार होगा। इसमें विद्यार्थी को अपना नाम, जन्मतिथि, कॉलेज का नाम, शहर, जिला व राज्य का नाम दर्ज करना होगा। इसके लिए उसे 200 रुपये की फीस देनी पड़ेगी। इसी के आधार पर उसे घर बैठे ऑनलाइन डिग्री वेरिफिकेशन मिल जाएगा। इससे पहले ऐसी सुविधा सीबीएसई बोर्ड द्वारा शुरू की गई है। इसी को देखते हुए एनसीटीई योजना शुरू कर रहा है।