लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह
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राष्ट्रीय राजमार्ग-3 हमीरपुर से पारछू के निर्माण में गड़बड़ियों और मुआवजे के आवंटन में धांधली के आरोपों की जांच की जाएगी। जिला स्तरीय हाई पावर कमेटी गठित होगी। इसमें चार विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी सदस्य होंगे। बुधवार को सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा की ओर से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकारी दी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि एनएच-3 के निर्माण कार्य से चार विधानसभा क्षेत्रों के लोग परेशान हैं। यह एनएच सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से बनवाई जा रही है। 2007 से 2009 के बीच इसकी डीपीआर बनी और निर्माण 2022 में शुरू हुआ।
भू अधिग्रहण में समस्या पेश आई। पिछले दिनों आई बाढ़ से स्थिति खराब हो गई है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भी इसे लेकर स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय का कहना है कि निर्माण के दौरान टूटी पाइप लाइन पुन: जोड़ी जा रही है। मलबा डंपिंग साइट पर डाला जा रहा है, बाढ़ से जो डंपिंग साइट क्षतिग्रस्त हुई थी, उसे भी दुरुस्त किया जा रहा है। भू-अधिग्रहण के एवज में 95 फीसदी मुआवजा करीब 280 करोड़ जारी कर दिया है। मुआवजे के आवंटन में गड़बड़ी की जांच उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित होने वाली हाईपावर कमेटी करेगी। निर्माण कार्यों में अनियमितता का मामला केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी उठाया जाएगा।
सब्जियों के लिए एमएसपी का प्रावधान नहीं : चंद्र कुमार
विधायक रवि ठाकुर की ओर से लाहौल-स्पीति में बेमौसमी सब्जियों को हुए नुकसान के एवज में अनुदान को लेकर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से किसान बागवानों हुए नुकसान को लेकर सरकार हरसंभव मदद का प्रयास कर रही है। आपदा राहत के मापदंड बदले गए हैं। प्रदेश में सेब और नींबू प्रजाति के फलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था है सब्जियों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नही है, हालांकि आपदा राहत में सभी फसलों को जोड़ा गया है।