हिमाचल प्रदेश के दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षकों के रिक्त 20,000 पद भरे जाएंगे। प्रदेश में रोजगार के अवसर तलाशने को गठित कैबिनेट सब कमेटी मंगलवार को सचिवालय में इस बाबत विशेष नीति बनाएगी। सोमवार को हुई कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि शिक्षा विभाग में 1.12 लाख पद स्वीकृत हैं। इनमें 20 हजार पद खाली हैं। तुरंत नीति बना कर मामले को कैबिनेट बैठक में ले जाया जाएगा ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
मंगलवार को शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक, सचिव विधि को सुबह 10.30 बजे सचिवालय में बैठक के लिए बुलाया है। शिक्षा विभाग में रिक्त पद भरने का काम पहले शुरू किया जाएगा। कई स्कूल एक-एक शिक्षक के सहारे हैं। विज्ञान और कॉमर्स विषय के शिक्षकों की ऐसे स्कूलों में संख्या बहुत कम है। चंबा, कांगड़ा, शिमला, मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, भरमौर और सिरमौर के दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों की भर्ती के लिए अलग से नीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इन जिलों के दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षक जाने से गुरेज करते हैं।
कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गारंटी दी है कि सरकारी क्षेत्र में एक लाख नौकररियां दी जाएंगी। इसके लिए कमेटी का गठन किया गया है। फरवरी में कमेटी की पहली बैठक हुई थी। सोमवार को दूसरी बैठक हुई है। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विभागों में 70 हजार पद रिक्त हैं। स्वीकृत पद तीन लाख हैं। सभी विभागों में चरणबद्ध तरीके से भर्तियां की जाएंगी। सबसे पहले भर्तियों के लिए शिक्षा विभाग को चुना गया है। बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर भी मौजूद रहे।
लोकसेवा आयोग में भर्ती प्रक्रिया धीमी
उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य लोकसेवा आयोग ने बीते पांच साल में 2018 से जनवरी 2023 तक 2375 पदों पर भर्ती की है। 1097 पदों पर भर्ती पेंडिंग हैं। हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग ने 5 साल में 15,706 पदों पर भर्ती की है। लोकसेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया बहुत धीमी है। लोकसेवा आयोग साल में औसतन 450 से 500 पदों पर ही भर्ती कर पाता है। विज्ञापन जारी होने, लिखित परीक्षा और उसके बाद इंटरव्यू करवाने में काफी समय लग जाता है। हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग साल में औसतन 3,000 पदों पर भर्ती करता है। ऐसे में दोनों भर्ती एजेंसियां के जरिये सालभर में 3500 से ज्यादा पद नहीं भरे जा पा रहे हैं। कैबिनेट सब कमेटी ने विचार किया है कि इस प्रक्रिया को स्पीड-अप कैसे किया जाए।
डांइग कैडर की समीक्षा करेंगे, अगर जरूरत हुई तो विचार करेंगे
मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि विभिन्न विभागों में डांइग कैडर हुए पदों की समीक्षा की जाएगी। अगर जरूरत हुई तो इन पदों को दोबारा भरने पर विचार किया जाएगा। जानकारी जुटाई जाएगी कि यह पद किन कारणों से डाइंग कैडर में गए। उन्होंने कहा कि सरकारी क्षेत्र में एक लाख रोजगार दिए जाएंगे। शेष चार लाख रोजगार निजी क्षेत्र में मुहैया करवाए जाएंगे। निजी क्षेत्र में रोजगार देने के लिए विभिन्न प्रयास जारी है। करूणामूलक आधार पर नौकरियां देने के मामले पर अभी चर्चा नहीं हुई है। पूर्व सरकार ने इस बाबत विशेष काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के लिए 2200 करोड़ के एमओयू साइन हुए हैं। मेडिकल डिवाइस पार्क के पहले चरण का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है।