सरोल स्थित मेडिकल कॉलेज चंबा के नवनिर्मित भवन की छत्त पर हेलिपैड बनेगा। नाहन, हमीरपुर, सोलन और चंबा में बनने वाले मेडिकल कॉलेजों के भवनों की छत्तों में हेलिपैड बनाना आवश्यक किया गया है। इससे आपातकालीन स्थिति में मरीज को दूसरे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में पहुंचाने में वक्त की बचत होगी। अनमोल जिंदगी को भी बचाया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल्य ने परिधिगृह चंबा में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि उनका सपना हिमाचल को चिकित्सा क्षेत्र में ऐसा बड़ा हब बनाने का है, जहां स्वास्थ्य लाभ के लिए बाहरी राज्यों से भी लोग पहुंचें। इसके लिए हालांकि फंड की कमी जरूरत रहती है, लेकिन यदि नीति तैयार कर उसके तहत कार्य किया जाए तो यहां फंड की कमी नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के समय स्वास्थ्य क्षेत्र में जिस लिहाज से कार्य होना चाहिए था, वह नहीं हो पाया है।
कहा कि प्रदेश भर के स्वास्थ्य संस्थानों जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, आईजीएमसी, पीजीआई में प्रैशर कम करने के लिए लोगों को घर-द्वार स्वास्थ्य लाभ देने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को छोटी-छोटी हेल्थ वैन देने संबंधी प्रस्ताव भेजा है, जिसमें हार्ट सर्जन, ब्रेन सर्जरी समेत विशेषज्ञ की सहूलियत मिल सके। पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौर, सदर विधायक नीरज नैयर, कांग्रेसी नेता यशवंत सिंह खन्ना, पूर्व विधायक चुराह सुरेंद्र भारद्वाज समेत कांग्रेसी नेता, प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
देवभूमि चंबा के मुरीद हुए स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चंबा को प्रकृति ने अपनी गोद में बसाया है। यहां की पहाड़ियां अभी भी बर्फ से लदी हैं। देवदार के घने जंगल लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहां के व्यंजनों का भारतीय संस्कृति के साथ सीधा मिलाप देखने को मिलता है। यहां का गीत-संगीत भी अपने आप में अलग पहचान बनाए है।
स्वास्थ्य सुविधा से ग्रामीण योग और ग्रामीण हर्बल को जोड़ेंगे
ग्रामीण क्षेत्र के योग और ग्रामीण क्षेत्रों में मिलने वाली अमूल्य वनस्पति (जड़ी-बूटियों) को स्वास्थ्य सुविधा के साथ जोड़ा जाएगा। मंत्री ने कहा कि सरकार पात्रों को योजनाओं का लाभ देना चाहती है। अपात्रों को इसका लाभ न मिले, इसके लिए सरकार इस पर काम कर रही है।