हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने 8,000 गृहरक्षकों के रैंक भत्ते में बढ़ोतरी की भी मंजूरी दी है। इससे अब कंपनी कमांडर को 30 रुपये के स्थान पर 50 रुपये प्रतिदिन, वरिष्ठ प्लाटून कमांडर और प्लाटून कमांडर को 24 रुपये के स्थान पर 40 रुपये, हवलदार को 18 रुपये के बजाय 30 रुपये और सेक्शन लीडर को 12 रुपये के स्थान पर 20 रुपये रैंक भत्ता मिलेगा। प्रदेश मंत्रिमंडल ने यात्रियों को आरामदायक एवं सुरक्षित यात्रा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की ओर से 360 बसों के स्थान पर 397 बसें खरीदने की मंजूरी दी। बैठक में प्रदेश में द्वितीय राजभाषा संस्कृत का सफल क्रियान्वयन तय करने के लिए भाषा कला एवं संस्कृति विभाग में संस्कृत अनुभाग सृजित करने को स्वीकृति मिली। इसमें सोलन जिले के अर्की क्षेत्र के सायर मेले को राज्यस्तरीय मेले का दर्जा देने की भी मंजूरी दी गई। लाहौल-स्पीति जिला के त्रिलोकनाथ मेले को भी राज्यस्तरीय मेले का दर्जा दिया गया।
सेब और फल उत्पादकों को अब देना होगा 12 फीसदी जीएसटी
कार्टन और ट्रे के दामों में बढ़ोतरी को लेकर चल रहे विरोध के बीच सरकार ने बागवानों और फल उत्पादकों को राहत दी है। सरकार ने बागवानों को 15 जुलाई से एचपीएमसी के माध्यम से बिकने वाली पैकेज सामग्री कार्टन और ट्रे की खरीद पर छह फीसदी उपदान देने का निर्णय लिया है। एचपीएमसी को इसके लिए 10 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। वीरवार को कैबिनेट बैठक ने इस फैसले को मंजूरी दी गई। सेब और फल उत्पादकों को 18 फीसदी के बजाय 12 फीसदी जीएसटी देना होगा। छह फीसदी जीएसटी सरकार खुद वहन करेगी। वागवानों को यह जीएसटी उपदान के तौर पर मिलेगा। उल्लेखनीय है कि निजी कंपनियों के बाद एचपीएमसी ने भी सेब कार्टन के दामों में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसका कारण कार्टन पर छह प्रतिशत जीएसटी का बढ़ाया गया था। पिछले वर्ष सेब कार्टन पर जीएसटी स्लैब 12 फीसदी ही था। इस बार इसे बढ़ाकर 18 प्रतिशत किया गया है। उल्लेखनीय है कि कार्टन के दाम बढ़ने से सेब बागबानों का एक प्रतिनिधिमंडल बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर से भी मिला था। इस दौरान महेंद्र सिंह ने बागवानों को कार्टन पर बढ़े हुए छह फीसदी जीएसटी का वहन राज्य सरकार की ओर से किए जाने का आश्वासन दिया था।