राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि कुल मिलाकर मंडी सीट पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और वीरभद्र परिवार में प्रतिष्ठा की जंग होने वाली है। यहां उपचुनाव जयराम सरकार के मिशन रिपीट की दशा और दिशा तय करने के लिए भी एक लिटमस टेस्ट की तरह होगा। कांग्रेस इस सीट से इस बार भी दो बार सांसद रह चुकी प्रतिभा सिंह को उपचुनाव लड़ाना चाह रही है।
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट सांसद रहे रामस्वरूप शर्मा की नई दिल्ली में हुई रहस्यमय मृत्यु के बाद खाली हुई है। यह सीट लोकसभा चुनाव के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी एवं पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह की भी परंपरागत सीट रही है जो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह संसदीय क्षेत्र भी है। यहां सुखराम फैक्टर भी चलता है जो कई बार जीत-हार के समीकरण बनाता और बिगाड़ता रहा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि कुल मिलाकर मंडी सीट पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और वीरभद्र परिवार में प्रतिष्ठा की जंग होने वाली है। यहां उपचुनाव जयराम सरकार के मिशन रिपीट की दशा और दिशा तय करने के लिए भी एक लिटमस टेस्ट की तरह होगा।
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कांग्रेस इस सीट से इस बार भी दो बार सांसद रह चुकी प्रतिभा सिंह को उपचुनाव लड़ाना चाह रही है। अन्य नेताओं में पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम के पोते और इस सीट से आम चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार रहे आश्रय शर्मा भी टिकट के तलबगार हैं। पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर भी इस लोकसभा सीट से संभावित उम्मीदवार हैं। भाजपा में प्रत्याशी पर स्थिति अभी पूरी तरह से अस्पष्ट है। प्रतिभा सिंह को चुनाव में हरवा चुके कुल्लू से महेश्वर सिंह भाजपा के लिए सशक्त उम्मीदवार माने जा रहे हैं, लेकिन पहले कांग्रेस में रह चुके और अपनी पार्टी हिलोपा बनाने वाले महेश्वर सिंह का अतीत भाजपा में हमेशा आस्था वाला नहीं रहा है।
इसी से उनका टिकट पक्का होने में दिक्कत रहेगी। उनके अलावा मंडी जिला से संबंध रखने वाले जयराम कैबिनेट के मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर का नाम भी संभावित टिकटार्थियों में शुमार है। पूर्व सांसद रामस्वरूप शर्मा के बेटे शांतिस्वरूप शर्मा ने इस संबंध में अपनी स्थिति साफ नहीं की है। जयराम सरकार के कैबिनेट मंत्री कल्लू निवासी गोविंद ठाकुर, लंबे समय से भाजपा में रहे सुंदरनगर से अजय राणा, 2007 में मंडी सदर से विधानसभा का टिकट ले चुके युवा भाजपा नेता प्रवीण शर्मा, मिल्कफेड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा जैसे नाम भी टिकट के लिए चर्चा में हैं।
छह जिलों में फैला मंडी संसदीय क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से बहुत बड़ा
- मंडी संसदीय क्षेत्र प्रदेश के छह जिलों मंडी, शिमला, किन्नौर, लाहौल स्पीति, कुल्लू, शिमला और चंबा जिलों में फैला हुआ प्रदेश का ही नहीं, बल्कि देश के बडे़ भूभाग में पसरे संसदीय क्षेत्रों में से एक है। मंडी, शिमला, किन्नौर, लाहौल स्पीति और कुल्लू जिले इसमें पूरे आते हैं, जबकि शिमला जिला का रामपुर और चंबा जिला का भरमौर विधानसभा हलका भी इसके भाग हैं।