जुब्बल में नीलम सरैईक के नामांकन के बाद जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस पंडाल में अधिकांश कार्यकर्ता नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने आग्रह किया कि संगठन के लिए मिलकर काम करें। नीलम सरैईक को टिकट हाईकमान ने दिया। आलाकमान के निर्णय पर सभी को चलना पड़ता है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा अपने गृह क्षेत्र से अधिक काम उन्होंने जुब्बल कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के लिए किए हैं। जुब्बल में नीलम सरैईक के नामांकन के बाद जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस पंडाल में अधिकांश कार्यकर्ता नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने आग्रह किया कि संगठन के लिए मिलकर काम करें। नीलम सरैईक को टिकट हाईकमान ने दिया। आलाकमान के निर्णय पर सभी को चलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की नाराजगी से पार्टी को नुकसान होना स्वाभाविक है।
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चेतन बरागटा और इस विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क किया जा रहा है। चेतन बरागटा से पहले भी बात हो चुकी है। उनसे बातचीत का क्रम जारी रहेगा। चुनाव लड़ने और हार-जीत के अलग मायने होते हैं। भाजपा में संगठन और पार्टी के आदेश सबसे ऊपर हैं। नरेंद्र बरागटा के निधन के बाद इस क्षेत्र के लिए उनके जो सपने रहे, उन्हें सरकार ने पूरा करने का प्रयास किया है। सीएम ने कहा कि स्व. नरेंद्र बरागटा का सपना जुब्बल कोटखाई में एसडीएम कार्यालय खोलना था।
जुब्बल कोटखाई के लिए दो अलग-अलग उपमंडल कार्यालय दिए गए। कलबोग में उप तहसील कार्यालय खोला गया। कोटखाई में बीडीओ कार्यालय, फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट, दो सीए स्टोर सहित सरकार ने पहली बार सेब का समर्थन मूल्य एक रुपये बढ़ाया है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी, चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष कृपाल परमार, एपीएमसी की अध्यक्ष नरेश शर्मा, ग्रामीण बैंक की अध्यक्ष शशी बाला विशेष तौर पर उपस्थित थे।
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खड़ापत्थर में भारद्वाज के खिलाफ लगाए नारे, चेतन और नीलम सर्मथकों में हाथापाई
वहीं, शिमला के खड़ापत्थर में टिकट कटने से नाराज चेतन बरागटा के समर्थक सुबह नौ बजे ही जुट गए। जैसे ही शिमला से भाजपा कार्यकर्ता नीलम सरैईक के नामांकन कार्यक्रम के लिए वहां से गुजरने लगे जुब्बल कैंची व खड़ापत्थर में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रदेश अध्यक्ष और शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ खूब नारेबाजी की। जब नीलम सर्मथकों ने रास्ता छोड़ने के लिए कहा तो दोनों के बीच हल्की हाथापाई हो गई। हालांकि उसके बाद चेतन बरागटा ने कार्यकर्ताओं को ऐसा न करने की चेतावनी दी और सभा के दौरान इस पर खेद जताया। संवाद