फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पच्छाद उपचुनाव: पर्दे के पीछे रहकर भी सिकंदर बनेंगे किंगमेकर

Mon, 23 Sep 2019 01:07 PM IST
अरविन्द ठाकुर संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

जो जीता वही सिकंदर... लेकिन उपचुनाव में किंगमेकर ही सिकंदर कहलाएगा। पच्छाद हलके में टिकट की दौड़ में भले ही दर्जनों नेता खड़े हैं, लेकिन असली मुकाबला अपने चहेते को टिकट दिलाने वाले नेताओं में माना जा रहा है। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हो या फिर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल। वीरभद्र सिंह हो या प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर। टिकट झटकने को बेताब चाहवानों ने ऐसे बड़े नेताओं का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

विज्ञापन


हालांकि, पच्छाद हलके में टिकट के दावेदार सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में डटे हुए हैं, लेकिन अंदरखाते सभी शिमला से दिल्ली तक संपर्क बनाने में जुटे हैं। स्थानीय स्तर के बड़े नेताओं की भूमिका भी इसमें अहम मानी जा रही है। खासकर भाजपा में विधायक से सांसद बने सुरेश कश्यप की पसंद भी टिकट आवंटन में अहम भूमिका निभा सकती है।

पच्छाद उपचुनाव का बिगुल बज गया है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। अभी तक किसी भी दल ने प्रत्याशियों के नामों पर मुहर नहीं लगाई है। पार्टी हाईकमान के आदेशों का इंतजार कर रहे चाहवान अंदरखाते गोटियां फिट करने में जुट गए हैं। चहेते को टिकट दिलाने के लिए बड़े नेता भी पर्दे के पीछे टिकट झटकने की जुगत में हैं।
विज्ञापन


हालांकि, कांग्रेस पार्टी में टिकट की दौड़ में महज तीन नाम ही सामने आ रहे हैं, लेकिन स्थानीय कार्यकर्ताओं की ओर से मुसाफिर के नाम का प्रस्ताव रखने से उनके मैदान में फिर उतरने की संभावना प्रबल हो गई है। रतन कश्यप और दिनेश आर्य भी टिकट की दौड़ में मुसाफिर को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। उधर, भाजपा में एक अनार सौ बीमार वाली कहावत फिट बैठ रही है।

भाजपा में जिला परिषद सदस्य दयाल प्यारी, रीना कश्यप, आशीष सिक्टा, प्रेम कश्यप, हीरापाल सिंह, सुनील डोगरा, सुखपाल, अजय कुमार, सुरेंद्र चौहान, बलदेव कश्यप आदि के नाम सुर्खियों में चल रहे हैं।

विज्ञापन

रणनीति बनाने में जुटे टिकट के तलबगार

पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव को लेकर आचार संहिता लगने के बाद सभी दावेदार अपने-अपने मजबूत गढ़ को मजबूत करने में जुटे हैं। रविवार को आचार संहिता लगने के बाद पहला दिन था। पहले दिन जहां महिला भाजपा प्रत्याशी के रूप में दावेदार मानी जा रही जिला परिषद सदस्य दयाल प्यारी सराहां के आसपास के लोगों के साथ आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा करते देखी गईं।

बलदेव कश्यप ने रविवार को कोटला बड़ोग व मरयोग इत्यादि क्षेत्रों में जाकर लोगों से संपर्क किया। सुरेंद्र चौहान ने भी रविवार को घिनी घाड़ क्षेत्र में जाकर अपने लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विचार विमर्श किया। तीनों ने साफ तौर पर यही कहा है कि संगठन जिसे टिकट देगा वह उन्हें मान्य होगा।

कांग्रेस में मुसाफिर को टिकट देने की पैरवी
पच्छाद में होने वाले उपचुनाव के लिए पच्छाद कांग्रेस कमेटी ने जीआर मुसाफिर को पार्टी प्रत्याशी बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है। शनिवार को सराहां और रविवार को राजगढ़ में हुई बैठकों में कार्यकर्ताओं ने एकमत होकर उन्हें प्रत्याशी बनाने पर सहमति व्यक्त की।

रविवार को पच्छाद कांग्रेस अध्यक्ष रणजीत हाब्बी की अध्यक्षता में राजगढ़ में बैठक हुई, जिसमें पार्टी पर्यवेक्षक एवं चंडीगढ़ के पूर्व डिप्टी मेयर एचएस लक्की उपस्थित थे। सराहां और राजगढ़ में हुई बैठकों में पार्टी पर्यवेक्षक की उपस्थिति में सर्वसम्मति सेमुसाफिर को पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने का निर्णय लिया गया। अध्यक्ष रणजीत हाब्बी ने कहा कि हालांकि प्रदेश कांग्रेस ने अभी दो दिन तक प्रत्याशियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। अंतिम निर्णय हाईकमान को लेना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें