संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बागवानी विभाग ने बागवानों से विभाग से पंजीकृत केंद्रों और विक्रेताओं से कीटनाशक तथा अन्य दवाइयां खरीदने और उनके छिड़काव करने की सलाह दी है।
जिले में विभाग के पास 350 से ज्यादा पंजीकृत कीटनाशक विक्रेता हैं। बागवान इन्हीं से विभाग के स्प्रे शेड्यूल के अनुसार कीटनाशक खरीदें। विभाग ने सोशल मीडिया के झांसे और राह चलते लोगों से स्प्रे तथा दवाइयां न खरीदने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि कई लोग सोशल मीडिया के माध्यम से और बिना पंजीकृत दुकान से स्प्रे तथा कीटनाशक खरीद रहे हैं। इससे बागवानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और फसलों पर भी असर पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बागवान इस तरह के लोगों के बहकावे में न आएं। इसके साथ ही विभाग ने पूरे साल के लिए स्प्रे शेड्यूल तैयार किया है, बागवान उसी के अनुसार स्प्रे करें। जिले में विभाग के पास 350 से ज्यादा स्प्रे केंद्र और विक्रेता पंजीकृत हैं। इन केंद्रों और विक्रेताओं से दवाइयां या स्प्रे खरीदने के बाद बागवान को किसी तरह की कोई समस्या आती है तो विभाग के पास शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। गौरतलब है कि हाल ही में जिला शिमला समेत कई अन्य जिलों में पीजीआर स्प्रे के नाम पर सैकड़ों बागवानों से कथित ठगी का मामला चर्चा में है। एक युवक ने पीजीआर स्प्रे के नाम पर बागवानों को नकली स्प्रे बेचा है।
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कोट
जिले में विभाग के पास 350 से ज्यादा स्प्रे केंद्र पंजीकृत हैं। बागवान विभाग से अधिकृत केंद्रों से स्प्रे खरीदें। इसके साथ ही पक्का बिल लें ताकि किसी भी शिकायत की स्थिति में उचित कार्रवाई की जा सके।
-प्रदीप हिमराल, बागवानी विशेषज्ञ, बागवानी विभाग