एपीएमसी ने मंडियाें में बनीं नई दुकानों के लिए मांगे आवेदन, पराला मंडी में 34 दुकानें की जाएंगी आवंटित
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टुटू में 8 और शिलारू मंडी में 28 दुकानें होंगी आवंटित संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। एपीएमसी (कृषि उपज बाजार समिति) शिमला-किन्नौर की तीन फल एवं सब्जी मंडियों में 15 मई से पहले कारोबार शुरू हो जाएगा। इन मंडियों में कारोबार करने के लिए एपीएमसी 70 दुकानें आवंटित करेगा। इसके लिए 30 अप्रैल शाम 4 बजे तक आवेदन मांगे हैं।
एपीएमसी की टुटू में बनी नई मंडी में 8 दुकानें, पराला में 34 और शिलारू मंडी में 28 दुकानें आवंटित की जाएंगी। इसके लिए आढ़ती का ट्रेडर कोटा 50 फीसदी, लोकल किसानों को 25 फीसदी, एडी, एससी, ओबीसी के लिए 15 फीसदी, महिला स्वयं सहायता समूह, युवक मंडल और अन्य संगठनों के लिए 10 फीसदी कोटा अनिवार्य किया है। 28 अप्रैल तक एपीएमसी के पास 90 आवेदन आ चुके हैं। एपीएमसी के सचिव पवन सैनी ने बताया कि एक अप्रैल को आवेदनों की छंटनी होगी। इसके बाद 3 मई को टुटू और शिलारू तथा 5 मई को पराला मंडी की दुकानें ऑक्शन (नीलाम) की जाएंगी। इसके बाद मंडियों में कारोबार शुरू हो जाएगा। टुटू सब्जी मंडी से आसपास की करीब 12 पंचायतों के किसानों को लाभ होगा। इससे पहले इन लोगों को अपनी सब्जियां बेचने के लिए ढली या सोलन सब्जी मंडी जाना पड़ता था।
यही नहीं इन मंडियों के शहर से बाहर होने के कारण अब सब्जियों और फलों से लदे वाहन शहर में प्रवेश नहीं करेंगे जिससे यातायात जाम से भी राहत मिलेगी। इससे किसानों के साथ शहर के लोगों को भी लाभ होगा। इसके अलावा टुटू के आसपास की पंचायतों के लोगों को अब शिमला शहर नहीं आना पड़ेगा जिससे भाड़े की दरें भी कुछ कम होंगी। गौरतलब है शिमला जिले में टमाटर, मटर, सेब, भिंडी, फ्रासबीन, मूली समेत अन्य नकदी फसलों का अरबों रुपये का कारोबार होता है। हजारों लोग इस कारोबार से जुड़े हैं।