फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचलः बसों की हड़ताल से बढ़ी मुश्किलें, भटक रहे लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
यदि आप हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस, निजी बस या टैक्सी से बुधवार को कहीं आने-जाने की सोच रहे हैं तो इरादा बदल दें। इसकी वजह यह है कि बसों से लेकर टैक्सी वाले तक 24 घंटे की हड़ताल पर हैं। सार्वजनिक परिवहन के वाहनों का चक्का जाम होने की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन


केंद्र सरकार के भूतल परिवहन मंत्रालय द्वारा सड़क परिवहन एवं सुरक्षा बिल-2014 के विरोध में देशभर की ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त हड़ताल की घोषणा की है। हड़ताल मंगलवार रात 12 बजे के बाद से शुरू हो चुकी है। आज बसें, टैक्सी, बैंक और इंश्योरेंस जैसी तमाम सेवाएं ठप हो गई हैं। हड़ताल को देखते हुए कई निजी स्कूलों ने बुधवार को छुट्टी तक घोषित कर दी है।
विज्ञापन

निजी बसें भी हड़ताल पर

परिवहन निगम के एमडी अशोक तिवारी ने कहा कि सवारियों को परेशानी न हो, इसको लेकर निजी बस ऑपरेटरों से संपर्क किया जा रहा है। हर जिले में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। डीएम नवीन कपलास को मुख्य कार्यालय में नोडल आफिसर तैनात किया गया है, इन्हें चंडीगढ़, दिल्ली और हरिद्वार का जिम्मा सौंपा गया है।

वहीं, ऑल कामर्शियल ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष जीत राम ने बताया कि प्रदेश में बुधवार को निजी बसें नहीं चलेंगी। निजी बस ऑपरेटर हड़ताल पर रहेंगे। उध्‍ार, परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने मंगलवार को आपात बैठक बुलाई जिसमें हड़ताल को लेकर रणनीति तैयार की गई। बैठक में एचआरटीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया।

समिति के अध्यक्ष हरदयाल सिंह, उपाध्यक्ष रूप चंद, सचिव खेमेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, प्रवक्ता राजिंद्र सिंघा, सदस्य रोशन चौहान, देव राज ठाकुर, विद्या सागर, राजिंद्र ठाकुर, उमेश शर्मा, नानक शांडिल, गोपाल लाल, युद्ध राज, सुख राम, राज कुमार, बृज लाल, यशपाल ने कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक परिवहन का बाजारीकरण कर इसे बड़े उद्योगपतियों को बेचने जा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें