सरकार न्यूनतम भाड़े को 3 से बढ़ाकर 5 रुपये करना चाह रही है। इस किराये में पहाड़ी क्षेत्रों में 30 पैसे जबकि मैदानी में 19 पैसे की बढ़ोतरी होगी, लेकिन जनता इस वृद्धि को लेकर भी मुखर विरोध कर रही है। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि किराया बढ़ोतरी का मामला कैबिनेट में जा रहा है। कितना किराया बढ़ाना है, कैबिनेट में तय होगा।
इंटक के प्रदेशाध्यक्ष बबलू पंडित ने कहा है कि किराया बढ़ाया तो इंटक सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी। पंडित ने कहा निजी बस ऑपरेटरों के दबाव पर बस किराया बढ़ने से कामगार, कर्मचारी और आम वर्ग पर वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिसे इंटक सहन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि मजदूर, कर्मचारी, निजी और सरकारी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारी रोजाना निजी बसों में सफर करते हैं। किराया बढ़ने पर इसी वर्ग पर सीधा मार पड़ेगी।