हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है। वीरभद्र सिंह की मौजूदा सरकार का यह आखिरी बजट सत्र है। ऐसे में इस सत्र पर सभी की निगाहें टिकी हैं। चुनावी साल में विपक्ष भी सरकार को सदन में घेरने की पूरी तैयारी में है। ऐसे में बजट सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं।
विपक्ष ने सत्तारूढ़ कांग्रेस को बेरोजगारी भत्ते, भ्रष्टाचार, अवैध खनन, नशाखोरी जैसे मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई है। बुधवार सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सत्र की शुरूआत होगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह 10 मार्च को इस सरकार का आखिरी और अपने कार्यकाल का 20वां बजट पेश करेंगे।
मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने सत्ता पक्ष, विपक्ष और निर्दलीय विधायकों से सदन की कार्यवाही को शांति से चलने देने का आग्रह किया। सात अप्रैल तक चलने वाले इस सत्र के पहले चार दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। सत्र में कुल 21 बैठकें होंगी। एक से 17 मार्च तक बजट सत्र का पहला चरण होगा।
18 से 26 मार्च तक अवकाश रहेगा। 27 मार्च से सात अप्रैल तक सत्र का दूसरा चरण चलेगा। 27 से 30 मार्च तक बजट अनुमान की मांगों पर चर्चा और मतदान होगा। 30 मार्च को विनियोग विधेयक पारित होगा। नौ मार्च और छह अप्रैल को दो बैठकें गैर सरकारी सदस्य कार्य के लिए तय की गई हैं। सात अप्रैल को सत्र का समापन होगा।
सदन में गूंजेंगे 600 से ज्यादा सवाल
विधानसभा सचिवालय को अभी तक 600 से ज्यादा सवाल मिल चुके हैं। इन्हें सरकार को भेज दिया गया है। सवालों को भेजने का सिलसिला बजट सत्र के मध्य तक चला रहेगा। विधायकों की ओर से नियम 62 में एक, नियम 130 में एक और नियम 101 में तीन नोटिस दिए गए हैं। अभी सरकार ने सत्र के बीच पेश किए जाने वाले विधेयकों को प्रदेश विधानसभा को नहीं भेजा है।
विपक्ष के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाएगी कांग्रेस
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी विपक्ष के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाएगी। यह निर्णय मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में ओक ओवर शिमला में आयोजित की गई विधायक दल की बैठक में लिया गया। कांग्रेस विधायकों की इस बैठक में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने उपस्थित विधायकों से आगामी बजट सत्र की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने मंत्रियों को भी निर्देश दिए गए कि वे विधायकों की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब स्पष्टता से दें।
इस मौके पर यह भी चर्चा हुई कि प्रदेश विधानसभा के भीतर बेरोजगारी भत्ता और अन्य कई मुद्दों पर विपक्ष का रवैया आक्रामक रह सकता है। ऐसे तमाम मसलों का जवाब आक्रामकता से दिया जाना चाहिए। सीएम वीरभद्र सिंह ने विधायक दल की बैठक से पहले राज्य सचिवालय में हिमाचल सरकार के आगामी बजट अनुमानों पर भी चर्चा की।
बैठक में शामिल नहीं हुए बाली
विधायक दल की इस बैठक में बेरोजगारी भत्ते को देने की बात शुरू करने वाले हिमाचल सरकार के वरिष्ठ मंत्री जीएस बाली मौजूद नहीं हुए। जीएस बाली ने कहा कि वे अपने क्षेत्र किसी आवश्यक कार्यक्रम में थे।
विधानसभा परिसर में सर्वदलीय बैठक में नहीं गए वीरभद्र, धूमल
प्रदेश विधानसभा परिसर में हुई सर्वदलीय बैठक में न तो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह गए और न ही नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल पहुंचे। प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने दोनों दलों के प्रमुख नेताओं को बैठक में बुलाया था।विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही को शांतिपूर्वक तरीके से चलाने के लिए मंगलवार को विस परिसर में सर्वदलीय बैठक हुई।
कांग्रेस से संसदीय कार्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और भाजपा से मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज बैठक में शामिल हुए। निर्दलीय विधायकों के प्रतिनिधि बलवीर सिंह वर्मा भी बैठक में मौजूद हुए। विस अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने दोनों पक्षों से अनुरोध किया कि वे शांतिपूर्वक तरीके से सदन की कार्यवाही को चलने दें।
शांति से पेश आए विपक्ष, हम तमाम सवालों के जवाब देंगे: मुकेश
संसदीय कार्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा राजनीतिक विरोधी हैं। राजनीतिक शत्रु नहीं हैं। अग्निहोत्री ने भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक को कहा कि व्यक्तिगत आक्षेपों से हमें बचना चाहिए। विपक्ष के विधायक शांति से पेश आएं और सरकार उनके तमाम सवालों के जवाब देगी। कहा कि विपक्ष को हर बात पर अनावश्यक हंगामा नहीं करना चाहिए।
आरटीआई में पहले मिल जाते हैं जवाब, विधानसभा में नहीं: भारद्वाज
भाजपा के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि विपक्ष के विधायकों की तरफ से जब विधानसभा के भीतर सवाल किए जाते हैं तो तमाम सवालों के जवाब उन्हें नहीं मिलते हैं। उन्हें आरटीआई में जवाब पहले मिल जाते हैं, जबकि विस में ये मिलते ही नहीं हैं। कहा कि सीएम सदन के शुरू होते ही विपक्ष के विधायकों के बारे में ऐसी बातें करते हैं, जिससे लगता है कि वे कार्यवाही चलने ही नहीं देना चाहते थे।