गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक पवन काजल के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा में भू अधिग्रहण को 2,000 करोड़ और मंडी के लिए 8,000 करोड़ की राशि चाहिए है। उन्होंने केंद्र सरकार से पैसा लाने के लिए भाजपा के विधायकों से भी सहयोग की अपील की।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से कोई परिवार नहीं उजड़ेगा। सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी बड़े हवाई अड्डे के लिए 1,446 परिवार विस्थापित होंगे। विस्थापितों के लिए योजना लेकर आएंगे। उचित मुआवजा दिया जाएगा। भूमि की जगह भूमि, दुकान की जगह दुकान देने पर विचार करेंगे। सभी को संतुष्ट करने के बाद ही इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक पवन काजल के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा में भू अधिग्रहण को 2,000 करोड़ और मंडी के लिए 8,000 करोड़ की राशि चाहिए है। उन्होंने केंद्र सरकार से पैसा लाने के लिए भाजपा के विधायकों से भी सहयोग की अपील की।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में कांगड़ा हवाई अड्डे का रनवे 1,376 मीटर है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण नई दिल्ली से प्राप्त ड्राफ्ट मास्टर प्लान के अनुसार कांगड़ा हवाई अड्डे के रनवे को 1,376 मीटर से 3,010 मीटर तक दो चरणों में बढ़ाने का प्रस्ताव है। विस्थापित होने वाले 14 में से दस गांवों ने विस्तारीकरण के लिए हामी भर दी है। चार गांवों के अधिकांश लोग भी राजी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के लिए विरोध होता ही है। हम सभी पक्षों को साथ लेकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि गगल शहर भी विस्तारीकरण के दायरे में आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के सदस्यों को विस्तारीकरण के लिए अपना मत स्पष्ट करना चाहिए।
जयराम, पवन काजल ने अन्य विकल्प तलाशने का दिया सुझाव
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक पवन काजल ने कहा कि 1,446 परिवारों को विस्थापित होने से बचाने के लिए सरकार को गंभीरता से सोचना चाहिए। हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए अन्य विकल्प भी देखने चाहिए। विस्तारीकरण के चलते कृषि योग्य भूमि कम हो जाएगी। मुख्य संपर्क मार्गों, घरों को भी नुकसान होगा। इससे प्रदूषण भी बढ़ जाएगा। सोशल असेसमेंट रिपोर्ट में इसका उल्लेख है। पवन काजल ने बोहड़ क्वालू में कांगड़ा हवाई अड्डा बनाने का सुझाव दिया। उधर, नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जिस दिशा में अभी हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के प्रयास चल रहे हैंं, वहां विस्थापन अधिक है। सरकार को दूसरी जगह भी संभावनाएं देखनी चाहिए। विस्थापित परिवारों को फैक्टर टू के तहत मुआवजा देना चाहिए।