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Budget 2024 Expectations: कुल्लू में युवाओं को रोजगार और गृहिणियों को महंगाई से राहत की उम्मीद

Fri, 19 Jul 2024 06:27 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू

सार

किसान-बागवान, युवा, महिलाओं और आयकरदाताओं को बजट से कुछ नया मिलने की उम्मीद है।
 
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सुनील राणा,बिहारी लाल,संजना, तारा शर्मा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट 23 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। बजट पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। किसान-बागवान, युवा, महिलाओं और आयकरदाताओं को बजट से कुछ नया मिलने की उम्मीद है। महंगाई के चलते गृहिणियां परेशान हैं। दालों, सिलिंडर और सब्जियों के दाम बढ़ने के साथ ही महंगाई भी चरम पर है। महंगाई के चलते गृहिणियों को रसोई का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में गृहिणियों को आस है कि सरकार खाने-पीने की वस्तुओं में राहत देगी।

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वहीं, किसान अब आधुनिक तरीके से खेती और बागवानी कर रहा है लेकिन कृषि-बागवानी उपकरणों पर जीएसटी लगने से किसान परेशान हैं। वे बजट में इन उपकरणों पर जीएसटी समाप्त होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए युवा वर्ग भी तीसरी बार सत्ता में आई केंद्र सरकार से नए प्रोजेक्ट की उम्मीद कर रहा है, जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा। बजट में सरकार से किस वर्ग को कितना मिलता है, यह तो बजट आने के बाद ही पता चल सकेगा। बहरहाल सबकी नजरें केंद्र सरकार के आम बजट पर टिकी हैं।

महंगाई के बीच घर चलाना मुश्किल हो गया है। टमाटर ही बाजार में 80 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गया है। अगर इसी तरह से महंगाई बढ़ती रही तो रसोई का जायका फीका होगा। सरकार को चाहिए कि बजट में महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास करे। -तारा शर्मा, गांव बंदल, बंजार
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बेरोजगारी का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार युवाओं को रोजगार प्रदान के लिए प्रोजेक्ट का एलान करे, जिससे युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध हो सके। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में युवाओं को तोहफा मिलने की उम्मीद है। -संजना, बांदल, कुल्लू

कृषि व बागवानी के उपकरणों पर सरकार बजट में जीएसटी समाप्त करने का प्रावधान करे। इससे किसान और बागवान सशक्त होंगे। किसानों-बागवानों को अन्य दवाइयां आदि पर भी सब्सिडी बढ़ाई जाए। सूखे और बाढ़ के चलते खराब फसल का किसानों को उचित मुआवजे का भी बजट में प्रावधान हो। -बिहारी लाल, तुंग, सैंज

विदेशों से आने वाले सेब पर आयात शुल्क सरकार को बढ़ाना चाहिए। इसके लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए। इससे हिमाचल में निकलने वाले सेब को मंडियों में बेहतर दाम मिलेंगे। विदेशी सेब मार्केट में आने से हिमाचल के बागवानों को नुकसान झेलना पड़ता है। -सुनील राणा, महासचिव, फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन
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