प्रदेश में बीएसएनएल को बड़ा झटका लगा है। वर्ष 2005 तक सबसे अधिक सात लाख ग्राहकों का दावा करने वाले बीएसएनएल के करीब साढ़े पांच लाख ग्राहकों ने नाता तोड़ लिया है। अब निगम के पास महज पौने दो लाख लैंडलाइन उपभोक्ता बचे हैं। यह हाल मोबाइल उपभोक्ताओं का भी है।
लो सिग्नल क्वालिटी के कारण मोबाइल उपभोक्ताओं में भी भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। अब बीएसएनएल ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मार्च अंत तक दो नए ऑफर स्कीम के साथ नववर्ष की शुरूआत की है। निगम ने लैंडलाइन और ब्राडबैंड कनेक्शन पर इंस्टालेशन चार्जिस माफ कर दिए हैं।
इससे पहले दोनों के लिए ग्राहकों को भुगतान करना पड़ता था। शनिवार को निगम कार्यालय में पत्रकार वार्ता में महाप्रबंधक अजीत कुमार ने बताया कि दोनों कनेक्शन पर केवल हिमाचल में चार्जिज शत-प्रतिशत माफ कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि हमीरपुर जिले बलडूहक और चौरी दोनों कम आबादी वाले क्षेत्र हैं।
यहां ब्राडबैंड कनेक्शन की सुविधा दी गई है। बिलासपुर के जवाहर क्षेत्र में भी यह सुविधा शुरू की है। ऊना जिले के कलौल में शीघ्र ब्राडबैंड सेवा शुरू करने पर काम शुरू हो चुका है। इन क्षेत्रों में ब्राडबैंड सेवा शुरू करना मुश्किल था, लेकिन एक स्पेशल एक्यूपमेंट का प्रयोग कर हमीरपुर सर्किल के इंजीनियरों ने यह उपलब्धि हासिल की है।
बताया कि सर्किल के तहत 134 एक्सचेंस हैं। इनमें 110 एक्सचेंस में ब्राडबैंड सेवा शुरू कर दी गई है। शेष 24 एक्सचेंज में भी शीघ्र यह सेवा उपलब्ध होगी। ग्राहकों को बेहतर सिग्नल कनेक्टीविटी देने के लिए 32 मोबाइल टावर स्थापित कर दिए हैं। जीएम ने बताया कि लैंडलाइन ग्राहक कम हो रहे हैं, लेकिन मोबाइल कनेक्शन के ग्राहकों में इजाफा हो रहा है।